Jharkhand News: झारखंड मंत्री हफीजुल अंसारी की तबीयत बिगड़ी, एयर एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल पहुंचे, फेफड़ों में हुआ संक्रमण
हफीजुल अंसारी को फेफड़ों में संक्रमण, रांची से एयर एंबुलेंस से गुरुग्राम मेदांता अस्पताल में भर्ती

Jharkhand News: झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल अंसारी की सेहत अचानक खराब हो गई है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर एयर एंबुलेंस से दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया। पहले रांची के पारस अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां डॉक्टरों ने फेफड़ों में संक्रमण का पता लगाया। यह खबर उन छोटे शहरों और गांवों के लोगों के लिए है जो मंत्री जी के स्वास्थ्य की चिंता कर रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान यह समस्या हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत एयर लिफ्टिंग का आदेश दिया।
मंत्री हफीजुल अंसारी को क्या हुआ?
मंत्री हफीजुल अंसारी विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने जा रहे थे। अचानक उन्हें सांस फूलने लगी। साथी विधायकों ने तुरंत उन्हें रांची के पारस अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि फेफड़ों में संक्रमण है। सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही थी। अस्पताल में आईसीयू में रखा गया। डॉक्टरों ने दवाओं से उनकी हालत को काबू में किया। लेकिन चूंकि पहले भी उनकी हार्ट बाईपास सर्जरी मेदांता में हुई थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। यह कदम मंत्री जी की जान बचाने के लिए उठाया गया। झारखंड सरकार ने पूरी मदद की।
पारस अस्पताल में क्या इलाज हुआ?
पारस अस्पताल में एक खास मेडिकल टीम बनाई गई। इसमें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. महेश कुशवाहा, डॉ. ओंकार झा और आईसीयू विशेषज्ञ डॉ. शिव शामिल थे। टीम ने तुरंत एक्स-रे और अन्य टेस्ट किए। संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए एंटीबायोटिक्स और ऑक्सीजन दिए गए। मंत्री जी की हालत गंभीर थी, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि खतरा टल गया। फिर मेदांता के विशेषज्ञों से सलाह ली गई। एयर एंबुलेंस से सफर सुरक्षित रहा। परिवार और सहयोगी उनके साथ थे। यह अस्पताल झारखंड के लोगों के लिए जाना-माना है, जहां कई बड़े इलाज होते हैं।
मुख्यमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने तुरंत एयर एंबुलेंस का इंतजाम करवाया। अन्य मंत्री और विधायक भी पारस अस्पताल पहुंचे। सबने प्रार्थना की कि जल्द स्वस्थ हों। झारखंड विधानसभा सत्र प्रभावित हुआ, लेकिन काम चला। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के काम पर असर न पड़े, इसके लिए अन्य अधिकारी संभाल रहे। ग्रामीण इलाकों के लोग दुआ कर रहे। विशेषज्ञ कहते हैं कि फेफड़ों का संक्रमण जल्दी ठीक हो जाता है अगर सही इलाज हो। मेदांता में बेहतर सुविधाएं हैं।
Jharkhand News: मेदांता अस्पताल में आगे क्या?
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में पहुंचने के बाद मंत्री जी को आईसीयू में रखा गया। डॉक्टरों ने कहा कि स्थिति स्थिर है। आगे जांच और इलाज होगा। परिवार ने कहा कि वे ठीक महसूस कर रहे हैं। झारखंड सरकार लगातार अपडेट ले रही। अगर सब ठीक रहा तो जल्द डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह घटना नेताओं को सेहत का ध्यान रखने की याद दिलाती है। विधानसभा सत्र जारी रहेगा।