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HDFC Bank: Q2 में मुनाफा 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़, NII में उछाल से क्या मिला संकेत?

18 अक्टूबर 2026
HDFC Bank
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HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 18,641 करोड़ रुपये के आसपास था। साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसेट क्वालिटी में सुधार और एडवांस तथा डिपॉजिट दोनों में दोहरे अंक की वृद्धि ने नतीजों को मजबूत बनाया है।

HDFC बैंक का शुद्ध मुनाफा और रेवेन्यू कितना रहा?

बैंक का शुद्ध लाभ 19,510 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो अनुमानों के करीब रहा। तिमाही का कुल रेवेन्यू 484.5 अरब रुपये रहा, जबकि एक साल पहले 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में यह 459 अरब रुपये था। परिचालन लाभ 5.6 प्रतिशत बढ़कर 29,483 करोड़ रुपये हो गया। प्रावधानों पर खर्च 3,574 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 3,059 करोड़ रुपये से ज्यादा और पिछले साल के लगभग बराबर था। मुनाफे में बढ़ोतरी मुख्य रूप से ब्याज आय में इजाफे और एसेट क्वालिटी में सुधार के कारण हुई। बाजार की नजर बैंक की स्थिर प्रदर्शन पर बनी रही क्योंकि नतीजे अनुमानों से थोड़े कम रहे लेकिन दिशा सकारात्मक रही।

नेट इंटरेस्ट इनकम और NIM का क्या आंकड़ा रहा?

HDFC बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.7 प्रतिशत बढ़कर 346.2 अरब रुपये हो गई। पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 315.5 अरब रुपये थी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल एसेट्स पर 3.16 प्रतिशत और ब्याज कमाने वाले एसेट्स के आधार पर 3.32 प्रतिशत रहा। NII में यह बढ़ोतरी एडवांस में वृद्धि और बेहतर यील्ड के कारण संभव हुई। बैंक की ब्याज आय और खर्च के बीच का फासला स्थिर रहा, जिससे मार्जिन पर ज्यादा दबाव नहीं दिखा। यह आंकड़ा बैंक की लोन ग्रोथ को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

एसेट क्वालिटी में कितना सुधार हुआ?

बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार साफ नजर आया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो 30 सितंबर 2026 तक सुधरकर 1.11 प्रतिशत हो गया, जो पिछली तिमाही में 1.17 प्रतिशत और एक साल पहले 1.24 प्रतिशत था। एग्रीकल्चर सेगमेंट को छोड़कर GNPA 0.87 प्रतिशत रहा। शुद्ध NPA 0.37 प्रतिशत पर आ गया। सितंबर के अंत में ग्रॉस NPA 35,810 करोड़ रुपये रहे, जो पिछली तिमाही से मामूली कम हैं। नेट NPA घटकर 11,851 करोड़ रुपये रह गए। प्रावधानों में इजाफे के बावजूद NPA में गिरावट से बैंक की जोखिम प्रबंधन क्षमता मजबूत दिखी।

एडवांस और डिपॉजिट में कितनी बढ़ोतरी हुई?

30 सितंबर 2026 तक बैंक के ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 16.3 प्रतिशत बढ़कर 32,19,500 करोड़ रुपये हो गए। रिटेल लोन में 11.7 प्रतिशत, छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) के लोन में 23.5 प्रतिशत तथा कॉर्पोरेट और अन्य होलसेल लोन में 16.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कुल डिपॉजिट 18.8 प्रतिशत बढ़कर 33,27,400 करोड़ रुपये हो गए। औसत डिपॉजिट में भी 16.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। CASA डिपॉजिट कुल डिपॉजिट का 31.6 प्रतिशत रहा, जिसमें सालाना 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। टाइम डिपॉजिट में 22.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ। लोन और डिपॉजिट दोनों में मजबूत वृद्धि से बैंक की बैलेंस शीट मजबूत हुई।

इन नतीजों का मतलब क्या है और आगे क्या उम्मीद है?

HDFC बैंक के ये नतीजे स्थिर और नियंत्रित वृद्धि की तस्वीर पेश करते हैं। मुनाफा अनुमानों से थोड़ा कम रहा लेकिन NII, एसेट क्वालिटी और बिजनेस ग्रोथ मजबूत रही। SME और रिटेल सेगमेंट में तेज वृद्धि से पता चलता है कि बैंक छोटे कारोबार और आम ग्राहकों पर फोकस बनाए हुए है। बाजार विशेषज्ञ इन नतीजों को सकारात्मक मान रहे हैं क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी दोनों पर नजर रहती है। आगे के तिमाहियों में ब्याज दरों के माहौल और आर्थिक गतिविधि का असर बैंक के मार्जिन और ग्रोथ पर पड़ सकता है। निवेशकों को हमेशा याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है और फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना जरूरी है।

HDFC बैंक के Q2 नतीजे देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक की मजबूती को दोहराते हैं। मुनाफे में बढ़ोतरी, बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ के साथ बैंक ने एक बार फिर स्थिर प्रदर्शन दिखाया है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

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News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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