Health News: सीने की जलन की दवा ले रहे हैं तो हो जाएं सावधान, हो सकता है किडनी फेल होने का खतरा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
सीने की जलन की दवा PPI लंबे समय तक लेने से किडनी को खतरा, स्टडी में चेतावनी, सुरक्षित विकल्प अपनाएं

Health News: हम में से कई लोग सीने में जलन, एसिडिटी या गैस जैसी आम समस्याओं के लिए बिना सोचे-समझे दवाओं का सेवन कर लेते हैं। ये दवाएं तुरंत राहत तो देती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका लंबे समय तक इस्तेमाल आपकी किडनी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है? एक नई स्टडी और दुनियाभर के डॉक्टरों ने इस बात को लेकर गंभीर चिंता जताई है कि हार्टबर्न के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ सामान्य दवाएं धीरे-धीरे किडनी को खराब कर सकती हैं और यह किडनी फेलियर का कारण भी बन सकती हैं। यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सी हैं ये दवाएं और ये हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती हैं।
कौन सी दवाएं हैं किडनी के लिए खतरनाक?
विशेषज्ञों ने जिस श्रेणी की दवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है, उन्हें प्रोटॉन पंप इनहिबिटर यानी पीपीआई (Proton Pump Inhibitors) कहा जाता है। ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल, लैंसोप्राजोल और एसोमेप्राजोल जैसे सॉल्ट वाली दवाएं इसी श्रेणी में आती हैं। ये दवाएं पेट में एसिड के उत्पादन को कम करके काम करती हैं, जिससे सीने की जलन और एसिडिटी से राहत मिलती है। ये दवाएं दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से हैं और अक्सर लोग इन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक खाते रहते हैं, जो सबसे खतरनाक है।
Health News: कैसे पहुंचाती हैं ये दवाएं किडनी को नुकसान?
शोध से पता चला है कि पीपीआई दवाओं का लंबे समय तक सेवन किडनी के फंक्शन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। ये दवाएं एक्यूट किडनी इंजरी का कारण बन सकती हैं, जिसमें किडनी अचानक काम करना बंद कर देती है। इसके अलावा, यह क्रोनिक किडनी डिजीज (Chronic Kidney Disease) का खतरा भी बढ़ाती हैं, जिसमें किडनी धीरे-धीरे और स्थायी रूप से खराब हो जाती है। ये दवाएं शरीर में मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स के स्तर को भी कम कर सकती हैं, जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। समस्या यह है कि किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण अक्सर पता नहीं चलते, और जब तक इसका पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
दुनियाभर के नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी रोग विशेषज्ञ) इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को पीपीआई दवाओं के इस्तेमाल को लेकर जागरूक होना चाहिए। उनका कहना है कि इन दवाओं को केवल डॉक्टर की सलाह पर और जितने कम समय के लिए संभव हो, उतने समय के लिए ही लेना चाहिए। अगर आपको लंबे समय से एसिडिटी की समस्या है, तो इसका मूल कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए, न कि सिर्फ लक्षणों को दबाने के लिए लगातार दवाएं खाते रहना चाहिए। डॉक्टरों का यह भी मानना है कि इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में मरीजों को पूरी जानकारी देना जरूरी है।
क्या हैं सुरक्षित विकल्प?
अगर आप सीने की जलन या एसिडिटी से परेशान हैं, तो दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इस समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं। मसालेदार, तला हुआ और फैटी भोजन से परहेज करें। एक साथ बहुत ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले रात का खाना खा लें। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन बंद करना भी बहुत फायदेमंद होता है। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर पीपीआई के बजाय अन्य सुरक्षित विकल्पों, जैसे एंटासिड्स या H2 ब्लॉकर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन वह भी सीमित समय के लिए। आपकी सेहत आपके हाथ में है, इसलिए किसी भी दवा का सेवन बिना सोचे-समझे न करें।