Hindi News: झारखंड की बेटी जमुना टुडू, जिन्हें प्यार से ‘लेडी टार्जन’ कहा जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पहले उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया और अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में विशेष डिनर के लिए आमंत्रित किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। जमुना टुडू ने जंगलों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जो काम किया है, उसकी वजह से आज पूरी दुनिया उनकी तारीफ करती है।
जंगल बचाने की अनोखी मुहिम
जमुना टुडू का जन्म झारखंड के मयूरभंज जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ था। शादी के बाद जब वे अपने ससुराल गाँव रानी मटेली आईं, तो उन्होंने देखा कि जंगल तेजी से कट रहे हैं। जंगल माफियाओं द्वारा पेड़ों की बेरहमी से कटाई ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे जंगलों की रक्षा करेंगी। जमुना ने अपने गाँव की महिलाओं को इकट्ठा किया और ‘वन रक्षा मंच’ की स्थापना की। इस मंच में अब हजारों महिलाएँ जुड़ी हैं, जो जंगल माफियाओं का डटकर सामना करती हैं।

