
Janmashtami 2025: इस साल 2025 में जन्माष्टमी का पर्व 14 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी पर 190 साल बाद एक विशेष संयोग बन रहा है, जिसे राजराजेश्वर योग कहा जा रहा है। यह योग ज्योतिष शास्त्र में बहुत शुभ माना जाता है और इसका प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा। खासकर वृषभ, मिथुन और तीन अन्य राशियों के लिए यह समय बहुत ही लाभकारी साबित होगा। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि यह योग क्या है और किन राशियों को इसका फायदा मिलेगा।
Janmashtami 2025: राजराजेश्वर योग क्या है?
ज्योतिषियों के अनुसार, राजराजेश्वर योग तब बनता है जब ग्रहों की विशेष स्थिति एक साथ आती है। इस बार जन्माष्टमी पर चंद्रमा, गुरु और अन्य ग्रहों की स्थिति इस योग को बना रही है। यह योग समृद्धि, सुख और सफलता का प्रतीक है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। यह योग नौकरी, व्यापार और धन लाभ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
इन 5 राशियों को मिलेगा लाभ
1 वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए यह योग धन और करियर में उन्नति लाएगा। नई नौकरी या व्यापार में सफलता मिल सकती है।
2 मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों को इस योग से मान-सम्मान और धन लाभ होगा। रुके हुए काम पूरे होंगे।
3 कर्क राशि
कर्क राशि वालों को परिवार में सुख-शांति और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
4 सिंह राशि
सिंह राशि के लोग इस दौरान नए अवसर पाएंगे, खासकर नौकरी और शिक्षा में।
5 कन्या राशि
कन्या राशि वालों को व्यापार में मुनाफा और स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा।
जन्माष्टमी पूजा का महत्व
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस बार राजराजेश्वर योग के कारण पूजा का महत्व और बढ़ गया है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भक्ति कार्यक्रम आयोजित होंगे।
Janmashtami 2025: कैसे करें पूजा?
- सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
- भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को सजाएं।
- दूध, दही और माखन का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप और भजन करें।