Janmashtami Bhog Recipes: जन्माष्टमी पर कई घरों में दिन भर व्रत रखकर मध्यरात्रि के जन्म उत्सव पर भोग लगाया जाता है। माखन और मिश्री पारंपरिक पसंद मानी जाती है लेकिन इस बार पांच और पकवान घर पर बनाए जा सकते हैं।
धनिया पंजीरी व्रत में अनाज की जगह सूखे धनिए से बनती है। पंचामृत पूजा का अनिवार्य मिश्रण माना जाता है। मखाना पाग कई दिन चलने वाली मिठाई है। गोंद के लड्डू और सूजी या आटे का मोहनभोग भी प्रचलित हैं। व्रत हो तो सिंघाड़ा या कुट्टू के आटे का हलवा विकल्प है। सामग्री साफ रखें और मेवे से एलर्जी हो तो मात्रा घटाएं।
Janmashtami Bhog Recipes: धनिया पंजीरी कैसे बनाएं
कढ़ाई में थोड़ा देसी घी गर्म करें। मखाने काजू बादाम और चिरौंजी हल्के तलकर निकाल लें। उसी घी में एक कप सूखा पिसा धनिया धीमी आंच पर भूनें जब तक सुगंध आए। ठंडा होने पर पिसी चीनी कद्दूकस सूखा नारियल और भुने मेवे मिलाएं। यह हल्की और पचने में आसान मानी जाती है। भूनते समय आंच तेज न करें।
पंचामृत की सरल विधि
कटोरी में आधा कप ताजा गाय का दूध लें। दो चम्मच दही एक चम्मच घी एक चम्मच शहद और दो चम्मच चीनी या मिश्री मिलाएं। बारीक कटे मखाने तथा चार-पांच तुलसी पत्ते डालें। मान्यता है कि तुलसी के बिना भोग अधूरा रहता है। मिश्रण को अच्छी तरह फेंटें। पूजा के तुरंत बाद ठंडा परोसें।
Janmashtami Bhog Recipes: मखाना पाग बनाने का तरीका
घी में दो कप मखाने कुरकुरे भूनें। ठंडा कर दरदरा पीसें या तोड़ लें। एक कप चीनी और आधा कप पानी से एक तार की चाशनी बनाएं। पिसे मखाने नारियल और इलायची पाउडर मिलाएं। घी लगी थाली में फैलाकर सेट होने दें। ठंडा होने पर बर्फी जैसे टुकड़े काटें। चाशनी गाढ़ी हो तो मिश्रण सख्त हो जाएगा।
गोंद के लड्डू की तैयारी
घी में खाने वाला गोंद धीमी आंच पर तलें जब तक पॉपकॉर्न जैसा फूले। निकालकर हल्का कूटें। उसी घी में सिंघाड़े का आटा और पसंद के मेवे भूनें। कुटा गोंद मिलाएं। गुनगुना रहने पर पिसी चीनी या गुड़ पाउडर डालकर लड्डू बांधें। गोंद कच्चा न रहे। हाथ गीले हों तो लड्डू नहीं बंधेंगे।
Janmashtami Bhog Recipes: मोहनभोग या व्रत वाला हलवा
बराबर घी और सूजी या आटा धीमी आंच पर हल्का भूरा भूनें। अलग बर्तन में चीनी पानी गरम कर मीठा पानी बनाएं। भुने आटे में धीरे डालते हुए चलाते रहें ताकि गांठ न पड़े। कढ़ाई छोड़ने और घी अलग होने पर उतारें। इलायची कटे मेवे और तुलसी पत्ते से सजाएं। व्रत में सिंघाड़ा या कुट्टू आटा इस्तेमाल करें।
जन्माष्टमी के भोग में माखन मिश्री के साथ धनिया पंजीरी पंचामृत मखाना पाग गोंद लड्डू और मोहनभोग घर की रसोई में बन सकते हैं। पंचामृत में तुलसी और साफ दूध का ध्यान रखें। व्रत हो तो अनाज की जगह सिंघाड़ा कुट्टू या धनिया चुनें।
मिठास परिवार की पसंद के हिसाब से घटाएं। भोग लगाने के बाद परिवार भी हिस्सा ले सकता है। स्वच्छ बर्तन और ताजी सामग्री से स्वाद और श्रद्धा दोनों निभते हैं। स्थानीय परंपरा के अनुसार पकवान और समय तय करें।
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