Jharkhand News: झारखंड सरकार ने मंईयां सम्मान योजना के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने वादे को निभाते हुए 55 लाख से ज्यादा महिलाओं के बैंक खातों में इस योजना की किश्त भेज दी है। यह राशि 2500 रुपये प्रति महिला के खाते में डाली गई है। यह खबर 28 दिसंबर 2024 को सामने आई थी, और इसे लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल था ।
योजना का उद्देश्य और पात्रता
‘मंईयां सम्मान योजना’ का मुख्य लक्ष्य झारखंड की गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहारा देना है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु वाली गरीब महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो झारखंड की स्थायी निवासी हैं। सरकार ने इस काम के लिए आधार सीडिंग का सहारा लिया है, जिससे लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया आसान हुई।
लाभार्थियों की खुशी और सामने आईं चुनौतियाँ
इस योजना से झारखंड की लाखों महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। रांची की एक लाभार्थी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “इस पैसे से मुझे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मैं अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों को और बेहतर ढंग से चला पाऊँगी।” हालांकि, इस सफल शुरुआत के साथ कुछ दिक्कतें भी सामने आई हैं। कुछ जगहों से गलत बैंक खातों में पैसे जाने की शिकायतें मिली हैं। एक मामले में तो एक पुरुष के खाते में कई महिलाओं के पैसे चले गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। सरकार ने आश्वासन दिया है कि ऐसी गलतियों को जल्द ही सुधारा जाएगा।
Jharkhand News: सरकार की आगे की रणनीति और लोगों से अपील
झारखंड सरकार इस योजना को और भी बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है। जिन महिलाओं को अभी तक लाभ नहीं मिला है, उनके लिए आधार सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। सरकार का इरादा इन लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) से जोड़ने का भी है, ताकि वे न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हों बल्कि आत्मनिर्भर भी बनें। सरकार ने सभी लोगों से अपील की है कि वे अपनी आवेदन की स्थिति की जांच आधिकारिक वेबसाइट mmmsy.jharkhand.gov.in पर कर सकते हैं। अगर कोई समस्या आती है, तो अपने नजदीकी सरकारी दफ्तर से संपर्क करें। यह योजना झारखंड में महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है और इससे जनता में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।



