Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में एक दुखद घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP)-2 के जवान शिवपूजन रजवार ने गुरुवार देर रात अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब साथी जवानों ने कमरे का दरवाजा बंद देखा, तो उन्होंने अफसरों को खबर दी। दरवाजा तोड़ने पर अंदर जवान का शव फंदे से लटका मिला। यह घटना जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के सरकारी आवास में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। जांच अधिकारी ने बताया कि जवान के निजी जीवन और ड्यूटी के दबाव पर नजर रखी जा रही है।
रांची में जवान की आत्महत्या: क्या है पूरा मामला?
शिवपूजन रजवार झारखंड सशस्त्र पुलिस की द्वितीय बटालियन में तैनात थे। वे रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में रहते थे। गुरुवार की देर रात उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगा ली। सुबह करीब 7 बजे साथी जवानों को कमरे का दरवाजा बंद मिला। कई बार दस्तक देने पर कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अफसरों ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख सब सन्न रह गए। जवान का शव छत से लटका था। घटना की खबर मिलते ही सिटी एसपी, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी और फॉरेंसिक टीम (FSL) मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे से निजी कागजात और सामान जब्त कर लिए। अच्छी बात यह है कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन जांच जारी है।
पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की तस्वीरें लीं और वीडियो बनाया। सारी चीजों को चेक किया गया। सिटी एसपी ने कहा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण पता चलेंगे। जांच अधिकारी ने बताया, हम जवान के निजी जिंदगी, दिमागी हालत और काम के तनाव की पड़ताल कर रहे हैं। परिवार को खबर दे दी गई है। परिजन जल्द पहुंचेंगे। शव का अंतिम संस्कार पुलिस विभाग की निगरानी में होगा। झारखंड सरकार ने ऐसे मामलों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी दिए हैं, ताकि लोग समय पर मदद ले सकें। यह घटना पुलिस महकमे में सनसनी फैला रही है।
जवान की जिंदगी में क्या था तनाव? परिवार का बयान जल्द
फिलहाल आत्महत्या के पीछे कोई साफ वजह सामने नहीं आई है। लेकिन पुलिस को शक है कि नौकरी का दबाव या घरेलू समस्या हो सकती है। शिवपूजन रजवार के परिवार वाले गांव में रहते हैं। वे रांची आ रहे हैं। परिवार ने अभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। जवान की उम्र करीब 30-35 साल बताई जा रही है। वे कई साल से सेवा में थे। साथी जवानों ने बताया कि वे सामान्य दिखते थे, लेकिन अंदर ही अंदर परेशान हो सकते थे। झारखंड में पुलिस जवानों पर काम का बोझ ज्यादा रहता है। ऐसे केस बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।
झारखंड पुलिस में बढ़ते सुसाइड केस: क्या करें उपाय?
झारखंड में हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के सुसाइड के मामले सामने आ रहे हैं। नौकरी का तनाव, परिवार की जिम्मेदारी और लंबे समय तक ड्यूटी मुख्य कारण हैं। सरकार ने काउंसलिंग सेंटर खोले हैं, लेकिन जागरूकता की कमी है। इस घटना के बाद विभाग ने मीटिंग बुलाई है। साथी जवानों को मनोवैज्ञानिक मदद दी जाएगी। अगर आप या आपके जानने वाले परेशान हैं, तो झारखंड सुसाइड हेल्पलाइन पर कॉल करें। यह समय सबके लिए मुश्किल है, लेकिन मदद मांगने से राहत मिल सकती है। शिवपूजन रजवार की मौत ने पूरे परिवार और विभाग को सदमे में डाल दिया है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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