Jharkhand News: झारखंड में करीब 83,000 बुजुर्गों को पिछले चार महीनों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिली है। यह खबर स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन दी जाती है, जिसमें केंद्र सरकार 200 रुपये और राज्य सरकार 800 रुपये का योगदान देती है। लेकिन अब इस पेंशन के रुकने से कई परिवारों का गुजारा मुश्किल हो गया है।
पेंशन रुकने का कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंशन रुकने की मुख्य वजह केंद्र सरकार की ओर से फंड में देरी है। झारखंड सरकार के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण राज्य के पास पेंशन वितरण के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। इसके अलावा, कुछ जिलों में पेंशन फंड को कोविड-19 राहत पैकेज के लिए डायवर्ट किया गया, जिससे यह समस्या और बढ़ गई। धनबाद के कई बुजुर्गों ने बताया कि वे इस पेंशन पर अपनी दैनिक जरूरतों, जैसे राशन और दवाइयों, के लिए निर्भर हैं। पेंशन न मिलने से उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है या दूसरों की मदद मांगनी पड़ रही है।
Jharkhand News: लोगों का आक्रोश और मांग
धनबाद के बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता इस देरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। राइट टू फूड कैंपेन और अन्य संगठनों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए हैं। लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द बकाया पेंशन का भुगतान करे और भविष्य में ऐसी देरी न हो। सामाजिक कार्यकर्ता जीन द्रेज ने कहा कि यह स्थिति शर्मनाक है, क्योंकि महामारी और आर्थिक तंगी के समय में गरीब और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा जरूरत थी।
सरकार का जवाब
झारखंड सरकार ने दावा किया है कि वे इस समस्या को जल्द हल करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ जिलों में पेंशन का वितरण शुरू हो चुका है, लेकिन धनबाद में अभी भी कई लोग इंतजार में हैं। सरकार ने केंद्र से फंड जल्द रिलीज करने की मांग की है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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