Top 5 This Week

Related Posts

Jharkhand News: झारखंड में अब बिजली गुल हुई तो नहीं बचेगा बहाना, हर फीडर का रोज बनेगा रिपोर्ट कार्ड

Jharkhand News: झारखंड में बिजली आपूर्ति को लेकर लंबे समय से जो शिकायतें आती रही हैं, अब उन पर लगाम कसने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य में 11 केवी और 33 केवी फीडरों की अब रोजाना बाकायदा निगरानी होगी, और अगर किसी इलाके में एक घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही तो उसकी अलग रिपोर्ट तैयार होगी। सवाल यह है कि अब तक स्थानीय स्तर पर फॉल्ट या तकनीकी खराबी बताकर टाला जाने वाला मामला, इस नई व्यवस्था के बाद क्या वाकई सुधरेगा?

झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन के निर्देश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी जेबीवीएनएल ने इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह पूरा कदम राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों के बीच उठाया गया है, और जाहिर तौर पर इसका मकसद उन दावों को हकीकत में बदलना है।

Jharkhand News: अब सिर्फ बिजली है या नहीं, यह नहीं बल्कि पूरा ब्योरा दर्ज होगा

अब तक की व्यवस्था में ज्यादातर यही देखा जाता था कि किसी इलाके में बिजली आ रही है या नहीं। नई व्यवस्था इससे कहीं आगे जाती है। अब हर फीडर के प्रदर्शन का पूरा हिसाब-किताब रखा जाएगा। दिनभर में कितनी बार बिजली बाधित हुई, कुल कितनी देर आपूर्ति ठप रही और फॉल्ट ठीक करने में कितना वक्त लगा, यह सब कुछ दर्ज होगा।

यहीं पर एक दिलचस्प पहलू सामने आता है। अभी तक लोकल स्तर पर कोई भी वजह बताकर बिजली कटौती को जायज ठहराया जा सकता था, लेकिन अब हर फीडर का डेटा मौजूद रहेगा। इससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि किसी खास इलाके में बिजली कितनी बार और कितनी देर के लिए गई, और वह भी बिना किसी लीपापोती के।

एक घंटे से ज्यादा ब्रेकडाउन वाले फीडर होंगे अलग से चिह्नित

निगरानी समिति खासतौर पर उन फीडरों पर नजर रखेगी जहां बिजली आपूर्ति एक घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रहती है। ऐसे फीडरों की अलग रिपोर्ट तैयार कर हर दिन जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक के सामने रखी जाएगी। जानकार बताते हैं कि इससे लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों और परेशानी वाले इलाकों की पहचान करना काफी आसान हो जाएगा।

देखने पर लगता है कि यह कदम सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। जिन इलाकों में बार-बार एक ही फीडर की वजह से बिजली जाती रही है, उन पर अब सीधा दबाव बनेगा। यानी अगर आपके मोहल्ले में बिजली अक्सर घंटों गुल रहती है, तो अब इसका रिकॉर्ड सीधे टॉप मैनेजमेंट तक पहुंचेगा।

चार अफसरों की टीम पर होगी पूरी जिम्मेदारी

सीएमडी के निर्देश पर बनाई गई समिति की कमान कार्यकारी निदेशक (ओ एंड एम) सुधीर कुमार सिंह के हाथ में होगी। इस समिति में महाप्रबंधक (आइटी) संजय कुमार, महाप्रबंधक (ट्रांसमिशन नेटवर्क) शंकर झा और महाप्रबंधक (वाणिज्य) संजय सिंह भी शामिल हैं। इस टीम को राज्यभर के सभी 11 केवी और 33 केवी फीडरों की रोजाना स्थिति परखकर रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

रिपोर्ट में बिजली आपूर्ति में आई रुकावट, ब्रेकडाउन, ट्रिपिंग और फॉल्ट ठीक करने में लगे समय जैसी तमाम बातें शामिल रहेंगी। मामला कुछ इस तरह से है कि अब हर छोटी-बड़ी गड़बड़ी का हिसाब कागज पर उतरेगा, जो पहले शायद इतनी बारीकी से दर्ज नहीं होता था।

सुबह छह बजे से अगली सुबह तक चलेगी 24 घंटे की निगरानी

सिर्फ फीडर स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की बिजली व्यवस्था पर नजर रखने के लिए एक अलग उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई है। यह समिति रोज सुबह छह बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक की पूरी बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करेगी। इसमें ग्रिड संचालन, ट्रिपिंग, आउटेज और वोल्टेज की गुणवत्ता जैसे तकनीकी पहलुओं का भी आकलन होगा।

खास बात यह है कि इस पूरी 24 घंटे की समीक्षा की रिपोर्ट अगले पांच घंटे के भीतर तैयार करके अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के सामने पेश करनी होगी, और यह काम हर दिन सुबह 11 बजे तक पूरा करना अनिवार्य होगा। यानी बीती रात या सुबह की बिजली गड़बड़ी का हिसाब दोपहर होने से पहले ही टॉप अफसरों की मेज पर होगा।

Jharkhand News: ग्रिड से फीडर तक अब साफ होगी गड़बड़ी की असली वजह

राज्यस्तरीय समिति की अगुवाई एसएलडीसी, जेयूएसएनएल के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिंह करेंगे। इसके साथ जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक (एसटीएन) शुभंकर झा, जेयूयूएनएल के महाप्रबंधक (तकनीकी/परियोजना) कुमुद रंजन सिन्हा और जेयूएसएनएल के महाप्रबंधक (कॉमर्शियल एंड रेगुलेटरी अफेयर्स) अजय कुमार भी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।

इस दैनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तकनीकी गड़बड़ी की सही जगह और उसके बार-बार होने का पैटर्न पकड़ में आ जाएगा। समस्या फीडर स्तर पर है, ट्रांसफॉर्मर में है, ग्रिड से जुड़ी है या फिर वितरण व्यवस्था में, यह साफ तौर पर सामने आ सकेगा। जिन इलाकों में लगातार गड़बड़ी की शिकायत रहती है, वहां अब ठोस सुधारात्मक कार्रवाई की गुंजाइश बनेगी।

झारखंड में बिजली को लेकर आम लोगों की शिकायत बरसों पुरानी रही है। कभी ट्रांसफॉर्मर जलने का बहाना, तो कभी लाइन में फॉल्ट का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता था। अब जब हर फीडर का रोज हिसाब बनेगा और एक घंटे से ज्यादा बिजली गुल रहने पर अलग रिपोर्ट तक जाएगी, तो जवाबदेही तय करना पहले से आसान हो जाएगा। बिजली गई तो अब सिर्फ बहाना नहीं चलेगा, हिसाब देना ही होगा। आम उपभोक्ता के लिए असली राहत तभी मिलेगी जब यह कागजी व्यवस्था जमीन पर भी उतनी ही सख्ती से लागू हो। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि यह निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित रहती है या सच में बिजली कटौती कम होती नजर आती है।

Read More Here:- 

West Bengal Teacher Recruitment: बंगाल में 12,445 शिक्षक पदों पर बड़ा अपडेट, आरक्षण बदलाव के बाद अब नई मेरिट लिस्ट का इंतजार खत्म होने वाला

CG News: रायपुर में टाटा पावर प्रस्ताव के विरोध में विद्युत अभियंता लामबंद, 12 सितंबर को बनेगी रणनीति

Rahul Gandhi citizenship case: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, ब्रिटिश नागरिक होने का ठोस सबूत नहीं

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: 3 सितंबर पेट्रोल-डीजल कीमतें, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत प्रमुख शहरों के नए रेट

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles