चाईबासा/गोइलकेरा: आदिवासी “हो” समाज महासभा के द्वारा मगे मिलन सह दियुरि सम्मेलन का आयोजन आगामी 8 एवं 9 फरवरी को प्लस टू हाई स्कूल गोलकेरा मैदान में किया जाएगा। यह सम्मेलन आदिवासी समाज के परंपराओं रीति-रिवाजों और संस्कृत धरोहरों को संरक्षित और एकरूपता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सम्मेलन का उद्देश्य दियुरियों (पारंपरिक पुजारीयों) को एक मंच प्रदान कर उनके अनुभवों को सजा करना और पर्व, त्योहारों की पूजा पद्धति में एकरूपता लाने एवं सामाजिक भूमिकाओं को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम में न केवल दियुरियों के धार्मिक और सामाजिक योगदान को मान्यता देने का अवसर है बल्कि उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा करने का मंच होगी।
*अध्यक्ष का संदेश :*
आदिवासी ”हो” समाज महासभा के प्रखंड अध्यक्ष पातोर जोंको ने कहा कि आदिवासी ”हो” समाज महासभा ”हो” समुदायों की सर्वोच्च संगठन या संस्था के रूप में जाने जाते हैं, इनका उद्देश्य ही है कि आदिवासी “हो” समुदायों की पारंपरिक संस्कृति को बरकरार बनाए रखते हुए समाज में एकता और आने वाली पीढ़ियों को समरसता और विकास की भावना को बल देना है।
सभा की समाप्ति सरूगढ़ा पंचायत के मुखिया सिकंदर जोंको के द्वारा उपस्थित सभी मानकी, मुंडा, डाकुवा, दियुरि, बुद्धिजीवियों और पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए आगामी सम्मेलन में भाग लेने और इसे सफल बनाने की अपील करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस बैठक में मुख्य रूप से रमेश सुरिन, पटेल मेराल, सुखराम सिरका, मानकी जयसिंह अंगरिया, जोंको अंगरिया, सिकंदर जोंको, बैजनाथ कोन्डांग, सुर्यनारायण अंगरिया, कान्डेराम चाम्पिया, मरतोम अंगरिया, रामसिंह गागराई, दिलबर हेम्ब्रोम, जोहन चेरोवा, रामराई पुरती, सुखमती कोड़ाह, सावित्री अंगरिया, दांसर कुदादा, सालु सामड, जमदार चाम्पिया, बेसरा चेरोवा, मंगल सिंह सुरिन आदि उपस्थित थे।

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