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Maharashtra Exam Fee Waiver: 2.4 लाख छात्रों की परीक्षा फीस माफ, सूखा प्रभावित क्षेत्रों को कैसे मिलेगा फायदा?

21 अक्टूबर 2026
Maharashtra Exam Fee Waiver
Maharashtra Exam Fee Waiver

Maharashtra Exam Fee Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में पढ़ रहे विश्वविद्यालय छात्रों को बड़ी राहत दी है। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सेमेस्टर परीक्षा की फीस माफ करने का फैसला लिया है। अब तक 2 लाख 40 हजार से ज्यादा छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। यह राहत 26 विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले 305 सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र छात्रों के लिए लागू है। सरकार का मकसद है कि सूखे की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

कितने छात्रों को मिला है परीक्षा फीस माफी का फायदा?

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवलंकर ने सभी विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी कर पात्र छात्रों से परीक्षा फीस न लेने का निर्देश दिया है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 2,40,365 छात्र इस योजना का लाभ ले चुके हैं। ये छात्र राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े हैं। पहले जो तालुके राहत सूची में नहीं थे, उनकी संख्या भी बढ़ा दी गई है। पहले 265 तालुकों को सूखा प्रभावित माना गया था, जिसे बढ़ाकर 305 कर दिया गया। इससे और अधिक छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख क्या है और कैसे मिलेगा लाभ?

पात्र छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है। जो छात्र इस राहत के हकदार हैं, उन्हें फॉर्म भरते समय Zero Challan यानी जीरो फीस विकल्प का इस्तेमाल करना होगा। इस विकल्प के जरिए वे बिना कोई परीक्षा शुल्क जमा किए फॉर्म भर सकेंगे। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे इस विकल्प को अपने पोर्टल पर उपलब्ध कराएं। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी नोटिस को ध्यान से पढ़ें और समय पर फॉर्म भर लें।

जो छात्र पहले ही फीस जमा कर चुके हैं, उन्हें पैसा वापस मिलेगा?

हां, सरकार ने उन छात्रों को भी राहत दी है जिन्होंने फीस माफी का फैसला लागू होने से पहले ही परीक्षा शुल्क जमा कर दिया था। विश्वविद्यालयों को ऐसे छात्रों की फीस वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। मुंबई विश्वविद्यालय ने इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ रुपये की फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य विश्वविद्यालयों को भी पात्र छात्रों की सूची बनाकर नियमानुसार रिफंड करने को कहा गया है। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि कोई भी योग्य छात्र इस लाभ से वंचित न रहे, इसलिए विश्वविद्यालयों को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है।

सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या क्यों बढ़ाई गई?

इस फैसले के पीछे राहत एवं पुनर्वास विभाग का 25 सितंबर को जारी सरकारी प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहा। उस प्रस्ताव में सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या बढ़ाकर 305 कर दी गई थी। इसके बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को संशोधित सूची के अनुसार फीस माफी लागू करने का निर्देश दिया। जिन इलाकों को पहले सूची में शामिल नहीं किया गया था, अब वहां के छात्रों को भी इस योजना का लाभ मिल सकता है। इससे सूखे की मार झेल रहे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा और समस्या आने पर क्या करें?

महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार चाहती है कि सूखे की वजह से किसी छात्र की पढ़ाई न रुके। उन्होंने कहा कि राहत लागू करने की प्रक्रिया जारी है और किसी भी पात्र छात्र को इस सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। अगर कोई छात्र पात्रता पूरी करता है लेकिन फॉर्म भरते समय उससे फीस मांगी जा रही है, तो उसे अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग या विश्वविद्यालय से संपर्क करना चाहिए। विश्वविद्यालय द्वारा जारी सर्कुलर और हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी देखी जा सकती है।

इस फैसले से सूखा प्रभावित इलाकों के हजारों छात्रों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। अब छात्रों की नजर 30 अक्टूबर की अंतिम तारीख पर है। जो पात्र हैं, उन्हें जल्द से जल्द फॉर्म भरकर इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

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News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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