West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा चुनाव रणनीति संस्था आई पैक के कार्यालयों पर छापेमारी के बाद केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। शुक्रवार को कोलकाता में एक विशाल पैदल मार्च का नेतृत्व करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि 2026 में भाजपा का पतन हो जाएगा और दिल्ली में केंद्र सरकार नहीं बचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास पेन ड्राइव में ऐसे सबूत हैं जो भाजपा की पोल खोल सकते हैं। ममता ने गृह मंत्री अमित शाह पर कोयला घोटाले के पैसे इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप भी लगाए।
पांच किलोमीटर का पैदल मार्च

ईडी की कार्रवाई के खिलाफ ममता बनर्जी ने कोलकाता में पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्च का नेतृत्व किया। यह मार्च जादवपुर के 8बी बस स्टैंड क्षेत्र से शुरू हुआ और हाजरा मोड़ पर समाप्त हुआ। इस विशाल जुलूस में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाजरा मोड़ पर जमा हुए हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर कड़े प्रहार किए।
2026 में भाजपा का पतन होगा
ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा का विदाई घंटा बज चुका है। उन्होंने कहा कि 2026 में भाजपा का पतन हो जाएगा और दिल्ली में केंद्र की सरकार अब ज्यादा दिन नहीं बचेगी। ममता ने तृणमूल कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पाड़ा पाड़ा यानी हर मोहल्ले में जाकर भाजपा का मृत्यु घंटा बजाएं।
ममता ने कहा कि आने वाले समय में फाटाफाटी खेला होगा। यह एक बंगाली मुहावरा है जिसका अर्थ है कि बहुत बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता उनके साथ है और भाजपा को राज्य में कभी सफल नहीं होने देंगे।
ममता ने अपने बचाव में क्या कहा?
गुरुवार को ईडी की छापेमारी के दौरान बाधा डालने और अधिकारियों से फाइल छीनने के आरोपों पर ममता ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कोई अन्याय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का मुझे अधिकार है। ईडी चोर की तरह आई थी, तृणमूल का डेटा चोरी करने के लिए और इसका मैंने प्रतिवाद किया।
ममता ने जोर देकर कहा कि मैंने जो कुछ भी किया वह तृणमूल प्रमुख की हैसियत से किया। मेरे कार्यालय से डेटा चोरी किया जा रहा था। चोर की तरह वे घुसे थे। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के इशारे पर ईडी की छापेमारी का उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और गोपनीय संगठनात्मक डेटा को जब्त करना था जिनका किसी भी वित्तीय जांच यानी कोयला घोटाले से कोई लेना देना नहीं है।
अमित शाह पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कोयला घोटाले का पैसा अमित शाह इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने नाम लेकर कहा कि बंगाल से जगन्नाथ के जरिए सुवेंदु अधिकारी जो बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक हैं के पास कोयला घोटाले का पैसा जाता है। और फिर सुवेंदु इसे अमित शाह तक भेजते हैं।
हालांकि ममता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जगन्नाथ कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है। यह आरोप बेहद गंभीर हैं और निश्चित रूप से राजनीतिक बवाल खड़ा करेंगे। भाजपा इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बता सकती है।
पेन ड्राइव में सबूत होने का दावा
ममता बनर्जी ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास इन सभी आरोपों के सबूत और पेन ड्राइव मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा ज्यादा करने की कोशिश करेगी तो वे इसका पर्दाफाश कर देंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे बदले के तौर पर ऐसा कुछ नहीं करतीं और न करना चाहती हैं।
लेकिन ममता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हम करने पर आ गए तो बहुत कुछ कर सकते हैं। अगर कोई मुझे दुख पहुंचाता है तो मैं उसे छोड़ती नहीं। उन्होंने भाजपा को कान काटा दल यानी कानों को काट देने वाला दल भी बताया। ममता ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर आप मुझे जेल में भरेंगे तो मैं आपको पूरी दुनिया में भर दूंगी।
यह पेन ड्राइव वाला सबूत क्या है और इसमें क्या है यह अभी स्पष्ट नहीं है। ममता ने इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया लेकिन उनके इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
अन्य राज्यों की तरह बंगाल में सत्ता नहीं हथियाने देंगी
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली की तरह बंगाल में भी जबरदस्ती सत्ता हथियाना चाहती है लेकिन यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा कहती है कि बंगाल में रोहिंग्या मौजूद हैं लेकिन आज तक आप एक रोहिंग्या नहीं खोज पाए।
ममता ने सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे लोग पदत्याग क्यों नहीं करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता उन्हें फिर से जिताएगी और भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पर भी बिना नाम लिए जोरदार हमला बोला। हालांकि उन्होंने गलती से उन्हें वेनिश कुमार और ज्ञानेश कुमार कह दिया। ममता ने आरोप लगाया कि उन्होंने बंगाल में डेढ़ करोड़ वोटरों का नाम काटने की जिम्मेदारी ली है।
ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि तृणमूल का अगला गंतव्य अब चुनाव आयोग होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए दिल्ली चलो का आह्वान किया। ममता ने कहा कि आप जानते हैं कि चुनाव आयोग में कौन बैठा है। वह अमित शाह के सहकारिता मंत्रालय के सचिव थे।
अमित शाह पर तीखे प्रहार
ममता बनर्जी ने अमित शाह पर हमला बोलते हुए गोधरा से लेकर दिल्ली दंगे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैं दंगाइयों से और क्या उम्मीद कर सकती हूं। ममता ने यह भी सवाल उठाया कि गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या कहां गायब हो गए। उन्होंने कहा कि संसद में ये सवाल उठाने होंगे।
यह सभी आरोप बेहद गंभीर हैं और इनसे राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है। ममता ने स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार और भाजपा को निशाना बनाया है।
दिल्ली में तृणमूल सांसदों के साथ बर्ताव की निंदा
ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की भी निंदा की। उन्होंने इसे शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया। तृणमूल के सांसदों को हिरासत में लिया गया था और उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया था।
West Bengal Politics: राजनीतिक विश्लेषण
ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए है। वे यह दिखाना चाह रही हैं कि केंद्र सरकार उन्हें डराने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं। पेन ड्राइव वाले सबूत का दावा भी एक रणनीति हो सकती है जिससे भाजपा को दबाव में रखा जा सके।
हालांकि यह भी सच है कि ईडी की जांच कोयला घोटाले से जुड़ी है और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। ममता इसे पूरी तरह राजनीतिक साबित करने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक टकराव किस दिशा में जाता है।
निष्कर्ष: ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई के बाद आक्रामक रुख अपनाया है। उनके पेन ड्राइव वाले सबूत के दावे, अमित शाह पर गंभीर आरोप और 2026 में भाजपा के पतन की भविष्यवाणी ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। बंगाल में चुनाव नजदीक आने के साथ यह टकराव और तीव्र होने की संभावना है।



