
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा का मंगलवार को तीसरा दिन रहा। इस दौरान राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेता आज नवादा पहुंचे, जहां यात्रा के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया।
राहुल गांधी के काफिले के बीच एक शख्स थार गाड़ी पर चढ़कर आया और उसने चुनाव आयोग की मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठाए। उस व्यक्ति ने कहा, “मेरा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, जबकि मैंने पिछले लोकसभा चुनाव में वोट भी डाला था और पोलिंग एजेंट के तौर पर भी काम किया था।”
उसने अपना नाम सुबोध कुमार, पिता का नाम श्यामली सिंह और पता महरथ ग्राम बताया। पेशे से वह किसान हैं।
राहुल गांधी का हमला
इस मौके पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “बिहार में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं है, बल्कि सुनियोजित साजिश है। चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर वोट चुरा रहे हैं।”
राहुल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी, शाह और चुनाव आयुक्त मिलकर जनता के वोट छीन रहे हैं। हम उन्हें यह साजिश पूरी नहीं करने देंगे। बिहार के वोट किसी कीमत पर चोरी नहीं होने दिए जाएंगे।”
तेजस्वी यादव का समर्थन
तेजस्वी यादव ने भी राहुल गांधी की बातों का समर्थन किया और कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जनता की ताकत बनकर खड़ा रहेगा और लोगों के वोट का सम्मान सुनिश्चित करेगा।
अन्य राज्यों का भी जिक्र
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि वोट चोरी का यह खेल सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह चुनावों में गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं बल्कि हर नागरिक की है। हम जनता का हक किसी को छीनने नहीं देंगे।”