NDA Manifesto Bihar 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। महागठबंधन द्वारा अपना ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ जारी किए जाने के कुछ दिनों बाद, आज एनडीए (NDA) ने भी अपना ‘संकल्प पत्र’ (Sankalp Patra) जारी कर दिया है। बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (आर), हम और आरएलएम के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में जारी इस घोषणापत्र में युवाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा पर मुख्य फोकस रखा गया है।
एनडीए ने तेजस्वी यादव के ‘हर परिवार एक नौकरी’ के वादे के जवाब में, अगले 5 सालों में 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करने का एक ‘महा-वादा’ किया है।
संकल्प पत्र के 3 सबसे बड़े वादे: जनता को क्या लाभ?
एनडीए के घोषणापत्र में तीन सबसे बड़े ऐलान किए गए हैं, जो सीधे तौर पर राज्य की जनता से जुड़े हैं:
1. 1 करोड़ नए रोजगार का वादा
महागठबंधन के ‘हर परिवार एक नौकरी’ के वादे को काटते हुए, एनडीए ने बिहार में 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करने का संकल्प लिया है। संकल्प पत्र के अनुसार, ये नौकरियां सिर्फ सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं होंगी। एनडीए का वादा है कि राज्य में आईटी पार्क, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और टूरिज्म सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश लाकर इन नौकरियों का सृजन किया जाएगा। इसका मुख्य लाभ राज्य के उन लाखों युवाओं को मिलेगा, जिन्हें रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है।
2. सभी के लिए ‘मुफ्त स्वास्थ्य सेवा’
एनडीए का दूसरा सबसे बड़ा वादा स्वास्थ्य सेक्टर को लेकर है। गठबंधन ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो राज्य के सभी नागरिकों को ‘मुफ्त स्वास्थ्य सेवा’ (Free Healthcare) मुहैया कराई जाएगी। इस वादे के तहत, ‘आयुष्मान भारत’ योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा और राज्य के हर जिले में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे, ताकि गरीबों और मध्यम वर्ग को इलाज के लिए कर्ज न लेना पड़े।
3. ‘मुफ्त शिक्षा’ (KG से PG तक)
तीसरा बड़ा ऐलान शिक्षा के क्षेत्र में किया गया है। एनडीए ने अपने ‘संकल्प पत्र’ में ‘मुफ्त शिक्षा’ (Free Education) का वादा किया है। इसके तहत, राज्य में KG (किंडरगार्टन) से लेकर PG (पोस्ट-ग्रेजुएशन) तक की पढ़ाई मुफ्त की जाएगी। इस वादे का लक्ष्य बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि पैसे की कमी के कारण कोई भी प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
किसानों और महिलाओं पर भी फोकस
इन तीन बड़े वादों के अलावा, एनडीए के ‘संकल्प पत्र’ में किसानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने के रोडमैप, हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने और कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का वादा शामिल है। महिला सशक्तिकरण के लिए ‘जीविका दीदियों’ के मानदेय को बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से और मजबूत करने की भी बात कही गई है।



