Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले राज्य में दलबदल का खेल शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका देते हुए, हजारीबाग जिले की बड़ही विधानसभा सीट से पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला (Umashankar Akela) ने एक बार फिर कांग्रेस में ‘घर वापसी’ कर ली है। शुक्रवार को रांची स्थित कांग्रेस मुख्यालय में, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और झारखंड कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर की मौजूदगी में उमाशंकर अकेला ने कांग्रेस का ‘हाथ’ थामा।
बीजेपी में हो रही थी घुटन
उमाशंकर अकेला ने 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। बीजेपी ने उन्हें 2019 में बड़ही से टिकट भी दिया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पार्टी में वापसी करते हुए अकेला ने कहा कि वह बीजेपी में “घुटन” महसूस कर रहे थे और अपने “पुराने घर” (कांग्रेस) में लौटकर उन्हें काफी सुकून मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की विचारधारा और राहुल गांधी के नेतृत्व से प्रभावित होकर वापस आए हैं।
कांग्रेस को मिली मजबूती
उमाशंकर अकेला की गिनती हजारीबाग क्षेत्र के कद्दावर नेताओं में होती है। 2009 में वह कांग्रेस के टिकट पर ही बड़ही से विधायक चुने गए थे। उनकी वापसी को विधानसभा चुनाव से पहले हजारीबाग और उसके आसपास के इलाकों में कांग्रेस के लिए एक बड़ी मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।



