Delhi Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट केस में बड़ी सफलता मिली है। NIA ने मामले के मास्टरमाइंड डॉ. बिलाल नासिर मल्ला को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के RC-21/2025/NIA/DLI के तहत हुई। डॉ. बिलाल, जो जम्मू-कश्मीर के बारामूला का निवासी है, को दिल्ली NIA टीम ने पकड़ा। कोर्ट ने उसे 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले, 16 नवंबर 2025 को गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद को भी कोर्ट ने दूसरे रिमांड पर 7 दिन भेजा।
दिल्ली ब्लास्ट केस का बैकग्राउंड
यह केस 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में हुए विस्फोट से जुड़ा है। विस्फोट इतना जोरदार था कि 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शव के टुकड़े इधर-उधर बिखर गए थे। NIA ने इसे आतंकी साजिश करार दिया है। जांच में अब तक 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। डॉ. बिलाल पर मृतक आरोपी उमर उन नबी को जानबूझकर लॉजिस्टिक सपोर्ट और आश्रय देने का आरोप है। साथ ही, आतंकी सबूत नष्ट करने का भी इल्जाम है। NIA दिल्ली, केंद्र और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर पूरी साजिश खोलने में जुटी है।
डॉ. बिलाल की गिरफ्तारी और कोर्ट प्रक्रिया
NIA टीम ने डॉ. बिलाल को बारामूला से हिरासत में लिया। पूछताछ के लिए उसे दिल्ली लाया गया। पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने 7 दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। NIA अब उनसे अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी। आमिर राशिद को पहले दो बार रिमांड पर लिया जा चुका था, अब तीसरी बार 7 दिन का रिमांड मिला। NIA का कहना है कि डॉ. बिलाल ने मृतक उमर को जानबूझकर मदद की और सबूत मिटाए। जांच से साफ हो रहा है कि यह साजिश लंबे समय से रची जा रही थी।
NIA की जांच, आतंकी साजिश का पर्दाफाश, आगे क्या
NIA ने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट एक खतरनाक आतंकी घटना थी। पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच तेज है। केंद्र और राज्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। गिरफ्तारियों से साफ हो रहा है कि आरोपी संगठित थे। डॉ. बिलाल की पूछताछ से नए सुराग मिल सकते हैं। जनता में डर था, लेकिन NIA की कार्रवाई से भरोसा बढ़ा है। यह केस आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत लड़ाई का प्रतीक बनेगा।



