Health Tips: शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया आज सबसे आम समस्या बन गई है। खासकर महिलाएं, बच्चे और किशोर इसमें ज्यादा प्रभावित होते हैं। आयरन की कमी सिर्फ थकान नहीं लाती, बल्कि हार्ट डिजीज, इम्यूनिटी कमजोर होना, बाल झड़ना और दिमागी विकास पर असर डालती है। छोटे शहरों और गांवों में लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह चुपके से बड़ी बीमारियां देता है। डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती लक्षण पहचानकर सही समय पर इलाज करें तो 90% मामले ठीक हो जाते हैं। आयरन की कमी के 8 शुरुआती संकेत और बचाव के आसान तरीके जान लीजिए।
आयरन की कमी के 8 शुरुआती लक्षण: इन्हें नजरअंदाज न करें
- बार-बार थकान और कमजोरी- बिना काम के भी थकान लगना पहला संकेत है।
- सांस फूलना- सीढ़ियां चढ़ते या थोड़ा चलते ही हांफना।
- चेहरा पीला पड़ना- होंठ, नाखून और आंखों के अंदर का हिस्सा पीला दिखना।
- बार-बार सिरदर्द और चक्कर आना- खून में ऑक्सीजन कम होने से दिमाग को नुकसान।
- हाथ-पैर ठंडे रहना – खून का दौरा कम होने से।
- बाल झड़ना और नाखून टूटना- आयरन की कमी से केराटिन कम बनता है।
- जीभ में जलन और मुंह के छाले- आयरन की कमी से मुंह की झिल्ली कमजोर होती है।
- अजीब चीजें खाने की इच्छा- मिट्टी, चॉक या बर्फ खाने का मन करना (पिका सिंड्रोम)।
इनमें से 3-4 लक्षण दिखें तो तुरंत ब्लड टेस्ट (हीमोग्लोबिन और फेरिटिन लेवल) करवाएं। महिलाओं में 12 ग्राम/डिली और पुरुषों में 13 ग्राम/डिली से कम हीमोग्लोबिन एनीमिया है।
आयरन की कमी से होने वाली गंभीर बीमारियां
आयरन की कमी लंबे समय तक रहे तो हार्ट फेल्योर, बच्चों में दिमागी विकास रुकना, गर्भवती महिलाओं में कम वजन का बच्चा, इम्यूनिटी कमजोर होना और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर कहते हैं कि आयरन की कमी को हल्के में लेने से जान तक जा सकती है।
बचाव के आसान उपाय: रोजाना ये चीजें खाएं
पालक, गुड़, अनार, खजूर, चुकंदर, राजमा, मूंगफली, मांस-मछली और अंडे आयरन के अच्छे स्रोत हैं। विटामिन सी (नींबू, संतरा, आंवला) के साथ खाएं तो आयरन बेहतर अवशोषित होता है। चाय-कॉफी खाने के 1 घंटे बाद पिएं। आयरन की गोली डॉक्टर की सलाह से लें। 3 महीने में ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं। आयरन की कमी को नजरअंदाज न करें, आज से ही शुरू करें।



