Bihar Politics Update: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा सवाल हर तरफ गूंज रहा है और वो है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? यह सवाल अब सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा बल्कि आम लोगों की जुबान पर भी चढ़ गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। इस मुलाकात के बाद से सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।
इस मुलाकात पर बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इस दौरान नेताओं के बीच आपसी बातचीत होना बेहद स्वाभाविक है। विजय चौधरी के इस बयान ने यह तो साफ कर दिया कि बिहार में जल्द ही सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होगी लेकिन असली सवाल का जवाब अभी भी पर्दे के पीछे है।
सम्राट और नीतीश की मुलाकात क्यों बनी चर्चा का केंद्र?

सम्राट चौधरी बिहार के मौजूदा उपमुख्यमंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख चेहरे हैं। जब से बिहार में नए मुख्यमंत्री की चर्चा शुरू हुई है तब से सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहे उम्मीदवारों में शामिल है। ऐसे में जब वो सीएम नीतीश कुमार से मिलने गए तो मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने इस मुलाकात को बिल्कुल सामान्य बताया। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी पहले भी नियमित रूप से सीएम हाउस आते रहे हैं और यह कोई नई बात नहीं है। विजय चौधरी के मुताबिक नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जब शुरू होने वाली हो तो नेताओं के बीच आपस में बात होना बिल्कुल स्वाभाविक है। इसे किसी खास नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को उतने सरल अंदाज में नहीं देख रहे। उनका मानना है कि जब भी सत्ता परिवर्तन के करीब आने की बात होती है तब इस तरह की मुलाकातें नई दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
विजय चौधरी ने कही यह बड़ी बात: मुख्यमंत्री वही बनेगा जिसे NDA चुनेगा
जब मीडिया ने विजय चौधरी से सीधे पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और क्या इस पर सहमति नहीं बन सकी है, तो उन्होंने बेहद साफ और सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह तय करना भारतीय जनता पार्टी का काम है। भाजपा की अपनी एक तय प्रक्रिया होती है और उसी प्रक्रिया के तहत पहले भाजपा अपनी सिफारिश देगी और उसके बाद NDA के सभी विधायक मिलकर अपना नेता चुनेंगे।
विजय चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिसे NDA के विधायक दल की बैठक में नेता चुना जाएगा वही बिहार का अगला मुख्यमंत्री होगा। उनके इस बयान से यह तो साफ हो गया कि मुख्यमंत्री के नाम का फैसला अकेले किसी एक नेता का नहीं बल्कि पूरे NDA गठबंधन का साझा फैसला होगा। इस प्रक्रिया में भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका सबसे अहम रहेगी।
मंत्रिमंडल और नीतीश के इस्तीफे पर क्या बोले विजय चौधरी?
जब विजय चौधरी से नई कैबिनेट के गठन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी मंत्रिमंडल को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। नई सरकार का गठन होगा और इसके लिए बस थोड़ा सब्र रखने की जरूरत है। चंद दिनों में सब कुछ साफ हो जाएगा।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के समय के बारे में भी जब सवाल पूछा गया तो विजय चौधरी ने कहा कि इसकी टाइम लाइन भी जल्द ही सामने आ जाएगी। उन्होंने कोई पक्की तारीख नहीं बताई लेकिन यह जरूर संकेत दिया कि यह प्रक्रिया अब ज्यादा समय नहीं लेगी।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की हलचल क्यों है इतनी तेज?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद NDA गठबंधन ने राज्य में भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। जीत के बाद से ही यह सवाल उठने लगा था कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर इस बार कोई नया चेहरा सामने आएगा। नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में एक बेहद अनुभवी और प्रभावशाली नाम हैं और उनका राज्य की राजनीति पर लंबा असर रहा है।
लेकिन अब जब नई सरकार के गठन की बात हो रही है तो कई नाम सामने आ रहे हैं। सम्राट चौधरी का नाम इसमें सबसे ऊपर चल रहा है। वो बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और भाजपा के एक ताकतवर चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने पिछले कुछ समय में खुद को एक मजबूत और आक्रामक नेता के रूप में स्थापित किया है।
भाजपा की केंद्रीय भूमिका: दिल्ली से आएगा अंतिम फैसला
बिहार में मुख्यमंत्री के नाम का फैसला आखिरकार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है। विजय चौधरी के बयान से यह साफ हो गया है। भाजपा की अपनी एक तय प्रक्रिया होती है जिसमें पार्टी के आलाकमान की सहमति के बाद ही कोई नाम तय होता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार जैसे अहम राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करते समय भाजपा कई बातों का ध्यान रखेगी। जाति समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन, उम्मीदवार की लोकप्रियता और गठबंधन के भीतर सहमति ये सब चीजें इस फैसले में अहम भूमिका निभाएंगी।
NDA में भाजपा के अलावा जनता दल यूनाइटेड और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा जैसे दल भी शामिल हैं। इसलिए मुख्यमंत्री का नाम तय करते समय सभी सहयोगी दलों की राय और सहमति भी जरूरी होगी। विजय चौधरी ने जो कहा कि NDA के सभी विधायक मिलकर नेता चुनेंगे उससे यह स्पष्ट है कि यह फैसला सर्वसम्मति से होगा।
अब नजरें NDA विधायक दल की बैठक पर
अब सबसे ज्यादा नजरें उस बैठक पर टिकी हैं जिसमें NDA के विधायक मिलकर अपना नेता चुनेंगे। यही बैठक तय करेगी कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। विजय चौधरी ने कहा है कि बस चंद दिनों का इंतजार है। यानी यह फैसला अब ज्यादा दिन नहीं टलेगा।
बिहार की जनता और देश के राजनीतिक पर्यवेक्षक दोनों इस बैठक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सम्राट चौधरी की नीतीश से मुलाकात, विजय चौधरी का बयान और सत्ता परिवर्तन की बढ़ती हलचल यह सब मिलकर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव बस दरवाजे पर खड़ा है।
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