सेना पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी ने लखनऊ कोर्ट में किया सरेंडर, मिली जमानत

भारतीय सेना पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी।
यह मामला राहुल गांधी द्वारा वर्ष 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “चीनी सैनिक हमारे सैनिकों को मार रहे हैं, लेकिन मीडिया सवाल नहीं कर रहा।” इस बयान को सेना के अपमान के तौर पर देखा गया और सीमा सड़क संगठन (BRO) के रिटायर्ड निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने इसे लेकर लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था।
कोर्ट ने क्या कहा ?
राहुल गांधी सोमवार सुबह कोर्ट में पेश हुए और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उनकी ओर से वकीलों ने जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने उन्हें ₹20,000 के निजी मुचलके पर जमानत दी और अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त 2025 की तारीख तय की है।
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कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को मार्च 2025 में आरोपी मानते हुए समन भेजा था।
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समन जारी होने के बाद आज यानी 15 जुलाई 2025 को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया।
16 दिसंबर 2022 को राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गलवान घाटी की झड़प का हवाला देते हुए कहा था कि “चीनी सैनिक हमारे जवानों को पीट रहे हैं और सरकार इस पर चुप है।” इस बयान के खिलाफ BRO के पूर्व अधिकारी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर भारतीय सेना की छवि धूमिल करने का प्रयास किया।
सेना की प्रतिक्रिया
भारतीय सेना ने 12 दिसंबर 2022 को एक आधिकारिक बयान में बताया था कि चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश को भारतीय जवानों ने रोक दिया और स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। दोनों पक्षों के बीच मामूली झड़प हुई थी।