Top 5 This Week

Related Posts

Rakshabnadhn 2025: आइए, जानते हैं राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, राहुकाल में राखी बांधने से बचें

Rakshabnadhn 2025: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है, जो हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल 2025 में रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इस बार रक्षाबंधन पर कुछ खास योग बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी शुभ बना रहे हैं। आइए, जानते हैं राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और इस त्योहार का महत्व।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2025

पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन 2025 को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। यह मुहूर्त कुल 7 घंटे 37 मिनट का होगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, जो राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है।

साथ ही, इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:22 बजे से 5:02 बजे तक रहेगा, जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:47 बजे से दोपहर 2:23 बजे तक प्रभावी रहेगा। सौभाग्य योग भी सुबह 4 बजकर 08 मिनट से अगले दिन तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। ये योग रक्षाबंधन को और भी खास बनाएंगे।

राहुकाल का समय, इस दौरान न बांधें राखी

रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 9:07 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा, जो लगभग 1 घंटे 40 मिनट का समय होगा। शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य, विशेष रूप से राखी बांधना, निषिद्ध माना जाता है। अतः इस अवधि में राखी बांधने से परहेज करें।

भद्रा काल का प्रभाव नहीं

इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा काल का कोई असर नहीं होगा। पंचांग के अनुसार, भद्रा 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होगी और 9 अगस्त को देर रात 1:52 बजे समाप्त हो जाएगी। अर्थात्, रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त शुरू होने से पहले ही भद्रा का प्रभाव खत्म हो जाएगा। चार साल बाद ऐसा शुभ संयोग बन रहा है, जो इस त्योहार को और भी मंगलमय बनाता है।

रक्षाबंधन कैसे मनाएं?

रक्षाबंधन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। एक थाली में रोली, चंदन, अक्षत, राखी और मिठाई रखें। भाई को पूर्व या उत्तर दिशा में बिठाएं और उनके माथे पर तिलक लगाएं। इसके बाद राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करें। भाई अपनी बहन को उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन देता है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles