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Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गणना कर्मियों ने ही खोला राज चंपत राय को भेजा बाथरूम का वीडियो

5 अक्टूबर 2026
Ram Mandir Donation Theft
Ram Mandir Donation Theft

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इसमें चोरी की घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा दर्ज है। इससे साफ है कि चढ़ावा चोरी के सिंडिकेट का राजफाश गणना कर्मियों ने ही किया था। तत्कालीन महासचिव चंपत राय को इसका पहला वीडियो भी इन्हीं कर्मियों ने भेजा था।

महासचिव चंपत राय को घटना की पहली जानकारी आनंद कुमार चौधरी ने दी। चार जून को जब चंपत राय दिल्ली से अयोध्या आ रहे थे तब दो अलग अलग मोबाइल नंबरों से वीडियो और लिखित मैसेज मिला। वीडियो में बाथरूम के अंदर नोटों की गड्डियां दिखाई गई थीं। ये सवा दो लाख रुपये थे जो बरामद भी हुए। कुछ लड़के कई दिनों से चोरी कर रहे थे। इनकी संख्या 67 बताई गई है।

आरोप पत्र में क्या दर्ज है?

पुलिस ने आरोप पत्र में चोरी की घटना को क्रमबद्ध तरीके से दर्ज किया है। गणना कर्मियों ने ही सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। उन्होंने चंपत राय को मैसेज भेजकर बताया कि चोरी की गणना में 67 लड़के शामिल हैं। बाथरूम में छिपे नोटों का वीडियो भी इन्हीं ने भेजा।

यह आरोप पत्र देश की तीसरी सबसे बड़ी चार्जशीट माना जा रहा है जिसमें 73000 से ज्यादा पन्ने हैं। अदालत में दाखिल होने के बाद मामले की आगे की सुनवाई इस दस्तावेज के आधार पर होगी। चोरी की राशि की बरामदगी और गवाहों के बयान इसमें शामिल हैं।

चंपत राय को पहली सूचना कैसे मिली?

चार जून को चंपत राय दिल्ली से अयोध्या की यात्रा पर थे। इसी दौरान दो अलग मोबाइल नंबरों से वीडियो और मैसेज पहुंचे। वीडियो में बाथरूम के अंदर नोटों की गड्डियां साफ दिख रही थीं। सवा दो लाख रुपये की यह राशि बाद में बरामद हुई।

आनंद कुमार चौधरी ने इस जानकारी को आगे बढ़ाया। गणना कर्मियों ने मैसेज के जरिए 67 लड़कों की भागीदारी का जिक्र किया। कई दिनों से चोरी का सिलसिला चल रहा था। यह सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता बढ़ गई।

वीडियो सबूत कैसे सामने आए?

पांच मई को चंपत राय के कारसेवकपुरम स्थित आवास पर दोपहर में ट्रस्टी डॉ अनिल कुमार मिश्र गोपाल राव और नरेंद्र पहुंचे। नरेंद्र के लैपटॉप से कुछ वीडियो दिखाए गए। इनमें गणना कक्ष में दान और चढ़ावा के रुपये की गिनती करते समय गणना कर्मी रुपयों की चोरी करते हुए दिखाई दे रहे थे।

ये वीडियो चोरी की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हैं। गिनती के दौरान नोटों को छिपाने का तरीका कैमरे में कैद हुआ। ट्रस्टियों द्वारा ये सबूत दिखाए जाने से मामले की जांच को दिशा मिली।

गवाह आनंद चौधरी ने क्या बताया?

गवाह आनंद चौधरी ने बताया कि चार जून को ड्यूटी समाप्ति के बाद घर जाने का समय हुआ तब बैंक और ट्रस्ट की ओर से गणना कक्ष में मौजूद कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इनमें बैंक की ओर से सत्या ट्रस्ट के विनय श्रीवास्तव गणना कर्मी मदन गोपाल निगम आकाश गौड़ रितिक सिंह और एक और कर्मी शामिल थे।

एक कर्मी ने पुलिस को बताया कि तीन जून को डे कैश काउंटिंग में दूसरी पाली में लगी थी। उस दिन उनके साथ लगे करुणेश पांडेय लवकुश मिश्र अविनाश शुक्ल अनुकल्प मिश्र दान में मिले रुपये को चोरी से उठाकर मेज के नीचे अपनी कमर में छिपा रहे थे।

चार जून को अविनाश को चोरी करते हुए संत प्रसाद वर्मा ने देख लिया। इसके बाद वे बाथरूम के पीछे जाकर आपस में बातचीत करने लगे। इसकी सूचना विनय श्रीवास्तव और बैंक कर्मी सत्य प्रकाश को दी गई। इन लोगों ने गणना कक्ष पर चेकिंग लगा दी। यह देखकर आरोपियों ने चोरी की राशि को बाथरूम में छिपाया जो तलाशी के बाद बरामद हुई। इस धनराशि को विनय श्रीवास्तव ने बाक्स में सुरक्षित रखवा दिया।

मामले की आगे की स्थिति क्या है?

आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अदालत में सुनवाई जारी रहेगी। गणना कर्मियों के बयान और वीडियो सबूत मामले के केंद्र में हैं। सवा दो लाख रुपये की बरामदगी और 67 लड़कों की भागीदारी का जिक्र आरोप पत्र में दर्ज है। ट्रस्ट और बैंक कर्मियों की भूमिका भी गवाह बयानों से स्पष्ट हुई है।

राम मंदिर जैसे संवेदनशील स्थल पर चढ़ावा की चोरी का खुलासा गणना कर्मियों की सतर्कता से हुआ। उन्होंने खुद वीडियो और सूचना देकर राज खोला। आरोप पत्र के 73000 से ज्यादा पन्नों में पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार दर्ज है। अदालत अब इन सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। चोरी की प्रक्रिया गवाहों के बयान और बरामदगी मामले को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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