Saharanpur : सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने पूर्व BBC रिपोर्टर और यूट्यूबर हुदा जरीवाला को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने उन्हें शांतिभंग में चालान कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
मस्जिद ध्वस्तीकरण पर हुदा जरीवाला ने उठाए सवाल
हुदा जरीवाला ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कलेक्ट्रेट की जमीन पर मस्जिद नहीं बनी, बल्कि मस्जिद की जमीन पर कलेक्ट्रेट का निर्माण हुआ है।
अपने बयान में उन्होंने देश के कई थानों में मंदिर होने का भी जिक्र किया और धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
धार्मिक स्थलों को लेकर क्या कहा?
हुदा जरीवाला ने सवाल किया कि जब कई थानों में मंदिर मौजूद हैं और उन्हें अवैध निर्माण के तौर पर नहीं देखा जाता, तो फिर मस्जिद को ही अवैध क्यों माना जा रहा है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
कुरान और इमाम के सामान को लेकर भी दावा
हुदा ने मस्जिद ध्वस्तीकरण के दौरान पवित्र कुरान और इमाम के सामान को लेकर भी दावा किया। उनके अनुसार, इन्हें मलबे के साथ गाड़ियों में भरकर फेंक दिया गया। इस दावे के बाद विवाद और बढ़ गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस उपलब्ध सामग्री में नहीं है। इसलिए इन्हें हुदा जरीवाला के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
CM योगी और DM पर कथित टिप्पणी बनी कार्रवाई का आधार
पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर जिलाधिकारी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसी मामले में कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद हुदा का शांतिभंग में चालान किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
सर्किट हाउस में भी हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, हुदा जरीवाला सोमवार को सहारनपुर के सर्किट हाउस पहुंची थीं। वहां सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह मौके से नहीं हटीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पोस्टर लगाने के मामले में भी कार्रवाई
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर में पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टर लगाने और माहौल बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में अलग-अलग स्थानों से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि संवेदनशील मामले में भड़काऊ गतिविधियों और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले प्रयासों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पांच सितंबर को हुआ था मस्जिद का ध्वस्तीकरण
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने पांच सितंबर को ध्वस्त किया था। यह कार्रवाई स्थानीय अदालत के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें परिसर में बने ढांचे को सरकारी जमीन पर अनधिकृत बताया गया था।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद इस मामले पर राजनीतिक दलों और विभिन्न पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
संवेदनशील मुद्दे पर बयान और भाषा की जिम्मेदारी
यह मामला धार्मिक स्थल, प्रशासनिक कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे संवेदनशील मामलों में सार्वजनिक बयान देते समय तथ्यों की पुष्टि और भाषा में संयम भी जरूरी है। खासकर पत्रकारों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के बयानों का व्यापक प्रभाव हो सकता है।

