Kolkata News: तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लंबी छापेमारी के बाद मामला राजनीतिक और वित्तीय दोनों मोर्चों पर गरमा गया है।
ईडी का दावा है कि तलाशी के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में विसंगतियां मिली हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ बताते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
ईडी ने इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। एजेंसी की जांच कथित मनी लॉन्ड्रिंग और बेहिसाबी वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले में चल रही है।
अखबार के कारोबार से जुड़े लेन-देन जांच के केंद्र में
ईडी की कार्रवाई नदीमुल हक और उर्दू दैनिक ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े परिसरों पर की गई। एजेंसी के अनुसार, जांच में ऐसे करीब 60 करोड़ रुपये के लेन-देन सामने आए हैं, जिनके समर्थन में तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिले।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ये लेन-देन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों से जुड़े थे या इनके पीछे किसी अन्य तरह की वित्तीय व्यवस्था थी। एजेंसी कथित हवाला लेन-देन के कोण की भी जांच कर रही है।
सात ठिकानों पर हुई तलाशी
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत नदीमुल हक और अखबार से जुड़े सात परिसरों की तलाशी ली। इनमें दिल्ली स्थित सांसद का आवास और कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार का कार्यालय तथा हक से जुड़े अन्य परिसर शामिल बताए गए हैं।
दिल्ली स्थित आवास का इस्तेमाल कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में भी होता है। यहां शुरू हुई कार्रवाई कई घंटे तक चली।
रांची से कोलकाता लाए गए नदीमुल हक
छापेमारी शुरू होने के समय नदीमुल हक रांची में थे। ईडी अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोमवार रात कोलकाता लाया गया। इसके बाद उनके आवास और कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गई।
अधिकारियों ने बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की। जांच का एक प्रमुख हिस्सा पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी और रकम के स्रोत का पता लगाना है।
अखबार पर भी लगे कई आरोप
ईडी की जांच के दायरे में अखबार से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन के साथ-साथ उसके कारोबार से जुड़े कुछ अन्य आरोप भी बताए गए हैं। इनमें सरकारी विज्ञापन हासिल करने के लिए प्रसार संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने और संदिग्ध स्रोतों से रकम मिलने जैसे आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा कथित तौर पर बिना हिसाब के नकद लेन-देन और विज्ञापन से जुड़े वित्तीय संबंधों की भी जांच की जा रही है।

TMC का पलटवार, बताया ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’
ईडी की कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि नदीमुल हक को पहले दल बदलने के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
टीएमसी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई उन नेताओं पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, जो पार्टी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। पार्टी ने इसी संदर्भ में इसे ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ करार दिया है।
बिटकॉइन लेन-देन पर भी TMC की सफाई
टीएमसी ने नदीमुल हक से जुड़े बिटकॉइन लेन-देन को लेकर भी सफाई दी है। पार्टी का कहना है कि ये वित्तीय लेन-देन वैध थे और संबंधित करों का भुगतान किया गया था।
वहीं, ईडी अभी वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जांच के दायरे में आए लेन-देन का वास्तविक स्वरूप क्या था।
कौन हैं नदीमुल हक?
नदीमुल हक 56 वर्षीय तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद हैं। वह ‘अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक बताए गए हैं, जो उर्दू दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन करता है।
ईडी की जांच बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद दर्ज की गई प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) पर आधारित है। मामला धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच के दायरे में है।
अभी गिरफ्तारी नहीं, जांच जारी
इस मामले में फिलहाल ईडी ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि 60 करोड़ रुपये के जिन लेन-देन में विसंगतियों का दावा किया गया है, उनका वास्तविक स्वरूप क्या था।
