Political News: केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है। कांग्रेस नीत यूडीएफ ने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। भाजपा नीत एनडीए ने 100 में से करीब 50 वार्ड जीते या लीड की, जबकि यूडीएफ और एलडीएफ पीछे रह गए। यह तिरुवनंतपुरम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़ है, जहां 2024 लोकसभा चुनाव में थरूर ने भाजपा के राजीव चंद्रशेखरन को हराया था। अब इस हार से थरूर की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो केरल की राजनीति पर नजर रखते हैं, वे इस बदलाव को 2026 विधानसभा चुनाव का संकेत मान रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे केरल राजनीति का ‘वाटरशेड मोमेंट’ बताया।
थरूर ने भाजपा की जीत को स्वीकारा
शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर यूडीएफ की राज्य स्तर पर जीत की तारीफ की और इसे 2026 विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत संकेत बताया। लेकिन तिरुवनंतपुरम में भाजपा की ‘ऐतिहासिक प्रदर्शन’ को भी स्वीकार किया। थरूर ने लिखा, “मैं भाजपा की ऐतिहासिक जीत को स्वीकार करता हूं और तिरुवनंतपुरम सिटी कॉर्पोरेशन में उनकी महत्वपूर्ण विजय पर बधाई देता हूं, यह राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव है। मैंने एलडीएफ के 45 साल के कुशासन से बदलाव के लिए प्रचार किया था, लेकिन मतदाताओं ने शासन बदलाव का वादा करने वाली दूसरी पार्टी को चुना। यही लोकतंत्र की सुंदरता है।” थरूर की यह टिप्पणी परिपक्व लगी, लेकिन पार्टी में उनके खिलाफ असंतोष बढ़ सकता है।
तिरुवनंतपुरम में भाजपा की जीत, थरूर के लिए चुनौती
तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा का यह प्रदर्शन दक्षिण केरल में पार्टी की बढ़ती ताकत दिखाता है। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी आर श्रीलेखा की जीत से भाजपा को बड़ा बूस्ट मिला। थरूर के क्षेत्र में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन पार्टी हाईकमान पर दबाव डालेगा। थरूर पिछले कुछ समय से पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाते रहे हैं, मोदी की तारीफ, राहुल गांधी से दूरी और सावरकर पुरस्कार जैसे मुद्दे। जानकारों का कहना है कि यह हार थरूर की प्रदेश स्तर पर भूमिका को प्रभावित कर सकती है। अगर कांग्रेस कार्रवाई करती है तो थरूर के विकल्प खुले रहेंगे।
राज्य स्तर पर यूडीएफ की जीत: एलडीएफ को झटका
राज्य स्तर पर यूडीएफ ने कई कॉर्पोरेशन और पंचायतों में बढ़त बनाई। त्रिशूर, एर्नाकुलम और कन्नूर जैसे जगहों पर यूडीएफ मजबूत दिखी। एलडीएफ को कई पारंपरिक गढ़ गंवाने पड़े। भाजपा ने तिरुवनंतपुरम के अलावा त्रिपुनिथुरा म्यूनिसिपैलिटी भी जीती। पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत की तारीफ की और इसे केरल में विकास की नई शुरुआत बताया। यह नतीजे 2026 विधानसभा चुनाव के लिए संकेत हैं, जहां भाजपा दक्षिण केरल में पैर जमाने की कोशिश कर रही है। थरूर की टिप्पणी से लोकतंत्र की जीत दिखी, लेकिन कांग्रेस के लिए यह चेतावनी है।



