Jharkhand News: रांची में बिजली मरम्मत के समय नहीं होगी परेशानी, विभाग ने ढूंढा आसान तरीका
नामकुम ग्रिड में दो नई लाइनें बनीं, जिससे 6 लाख से ज्यादा लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई मिलेगी।

Jharkhand News: रांची शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब बिजली की मरम्मत के नाम पर लंबी कटौती नहीं होगी। बिजली विभाग ने एक नया तरीका निकाला है, जिससे आधे से ज्यादा लोग बिना किसी समस्या के बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे। यह बदलाव नामकुम ग्रिड में हो रहा है, जहां दो नई लाइनें तैयार हो गई हैं। इनसे करीब 6 लाख 30 हजार लोगों को फायदा मिलेगा।
पहले क्या समस्या थी?
पहले, नामकुम ग्रिड से निकलने वाली 33 केवी की बिजली लाइनें एक-दूसरे पर चढ़ी हुई थीं। इसका मतलब, अगर ऊपर वाली लाइन की मरम्मत करनी होती, तो नीचे वाली को भी बंद करना पड़ता। इसी तरह, नीचे वाली की मरम्मत में ऊपर वाली बंद हो जाती। इससे बड़ा इलाका अंधेरे में डूब जाता। पिछले महीने कोकर गांव, रिम्स और विकास सबस्टेशन जैसे इलाकों में घंटों बिजली नहीं आई। लोग बहुत परेशान होते थे, क्योंकि बिजली की मांग बढ़ गई है और लाइनें पुरानी हो गईं।
अब क्या नया तरीका अपनाया गया?
बिजली विभाग ने इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए दो अतिरिक्त 33 केवी फीडर लाइनें बनाई हैं। ये जल्द ही शुरू हो जाएंगी। इनसे पुरानी लाइनों का उलझाव दूर होगा। पहले चरण में सिदरौल और कोकर लाइनें जुड़ेंगी। अब मरम्मत के समय सिर्फ जरूरी लाइन बंद होगी, बाकी चलती रहेंगी। इससे बिजली अच्छी क्वालिटी की मिलेगी और कटौती कम होगी। विभाग ने सरकार को नया ग्रिड बनाने का सुझाव भी दिया है, ताकि नामकुम ग्रिड पर बोझ कम हो।
कौन-कौन से इलाके जुड़े हैं?
अभी नामकुम ग्रिड से 10 फीडर लाइनें निकलती हैं। ये एयरपोर्ट, टाटीसिलवे, खेलगांव, नामकुम, कोकर गांव, कोकर शहर, पॉलिटेक्निक, आरएमसीएच, कुसई और चुटिया जैसे इलाकों को बिजली देती हैं। नई लाइनों से कुल 12 हो जाएंगी। इससे ज्यादा इलाकों में सुधार होगा।
लोगों को क्या फायदा मिलेगा?
यह नया तरीका रांची के लोगों की जिंदगी आसान बनाएगा। अब मरम्मत के समय घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। घरों में लाइट, पंखा और अन्य चीजें चलती रहेंगी। खासकर गर्मी या सर्दी में यह बड़ा राहत देगा। बिजली विभाग का कहना है कि इससे बिजली की सप्लाई मजबूत होगी और कम खराबी आएगी। अगर आप रांची में रहते हैं, तो जल्द ही यह बदलाव महसूस होगा।