बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल की बारिश ने बेंगलुरु में भारी नुकसान पहुंचाया है। प्री-मानसून और मानसून की बारिश से शहर में 878 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी कुल लंबाई 343.41 किलोमीटर है। इसके अलावा 1,114 घरों को नुकसान पहुंचा है और पेड़ गिरने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अगस्त 2025 में विधानसभा के मानसून सत्र में यह जानकारी दी।
बेंगलुरु में तीन लोगों की मौत 800 से अधिक सड़कें और 1000 घर क्षतिग्रस्त
मुख्य बातें
- विधायक के सवाल पर दिए गए आंकड़े
- किस जोन में सबसे ज्यादा नुकसान
- मृतकों के परिवारों को मुआवजा
- 218 बाढ़-प्रवण स्थानों की पहचान

विधायक के सवाल पर दिए गए आंकड़े
द हिंदू के अनुसार उपमुख्यमंत्री ने ये आंकड़े मल्लेश्वरम से भाजपा विधायक सीएन अश्वथनारायण के सवाल के जवाब में पेश किए। बेंगलुरु विकास का प्रभार संभाल रहे शिवकुमार ने बताया कि बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) सड़कों की मरम्मत, गड्ढे भरने और प्रभावित लोगों को राहत देने का काम कर रही है।
किस जोन में सबसे ज्यादा नुकसान
आंकड़ों के मुताबिक सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान महादेवपुरा जोन में हुआ। जोनवार क्षतिग्रस्त सड़कों की संख्या इस प्रकार है:
- महादेवपुरा जोन: 144 सड़कें
- दक्षिण जोन: 135 सड़कें
- येलहंका जोन: 127 सड़कें
- बोम्मनहल्ली जोन: 127 सड़कें
मृतकों के परिवारों को मुआवजा
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीबीएमपी ने पेड़ गिरने से मरने वालों के परिवारों को मुआवजा जारी कर दिया है। आगे नुकसान रोकने के लिए बरसाती नालों के किनारे रिटेनिंग दीवारें बनाने और निचले व बाढ़-प्रवण इलाकों में निवारक काम करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
218 बाढ़-प्रवण स्थानों की पहचान
शिवकुमार ने बताया कि बीबीएमपी ने शहर में 218 संवेदनशील और अति संवेदनशील बाढ़-प्रवण स्थानों की पहचान की है। जुलाई के अंत तक इनमें से 169 स्थानों पर सुधार का काम पूरा कर लिया गया था, जबकि बाकी 49 जगहों पर काम की योजना बनाई गई है।
राष्ट्रीय आपदा कोष और विश्व बैंक की मदद
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु की समस्याओं को दूर करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कोष और विश्व बैंक के फंड का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का ध्यान बरसाती नालों को ठीक करने पर है और इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। बीबीएमपी के अधिकारियों के अनुसार सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर विभाग प्रमुख सड़कों की समस्याएं दूर कर चुका है और बाकी मुद्दों के लिए बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड, बेस्कॉम और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल किया जा रहा है।
लोगों की नाराजगी
शहर की खराब सड़कों को लेकर लोगों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों में नाराजगी है, जिन्होंने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दक्षिण और पूर्वी बेंगलुरु के कई इलाकों में भारी बारिश के दौरान घरों में पानी घुसने की शिकायतें भी आईं। बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव ने कहा कि लगातार बारिश के बावजूद गड्ढे भरने का काम जारी है, लेकिन बड़े स्तर की मरम्मत मानसून खत्म होने के बाद ही हो पाएगी।
बारिश में नागरिक क्या सावधानी रखें
बारिश के दौरान पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि तेज हवा और भारी बारिश के समय पुराने और झुके हुए पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा न करें और न ही खुद रुकें। पानी भरी सड़कों पर गड्ढों का अंदाजा नहीं लगता, इसलिए दोपहिया वाहन चालक ऐसे रास्तों पर खास सावधानी बरतें। गिरे हुए पेड़, टूटे बिजली के तार या जलभराव की सूचना तुरंत नगर निगम की हेल्पलाइन या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बेंगलुरु में बारिश से कितनी सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं?
विधानसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 878 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनकी कुल लंबाई 343.41 किलोमीटर है।
कितने घरों को नुकसान पहुंचा?
बारिश से 1,114 घरों को नुकसान पहुंचा।
बारिश से जुड़ी घटनाओं में कितने लोगों की मौत हुई?
पेड़ गिरने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई।
सबसे ज्यादा प्रभावित जोन कौन सा है?
महादेवपुरा जोन में सबसे ज्यादा 144 सड़कें प्रभावित हुईं।
कितने बाढ़-प्रवण स्थान ठीक किए गए?
218 चिह्नित स्थानों में से 169 पर जुलाई के अंत तक सुधार का काम पूरा हो गया था और बाकी 49 पर काम की योजना है।

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