UP Politics: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए दो नाम तय कर दिए हैं। प्रोफेसर राम गोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नाथवानी आधिकारिक उम्मीदवार हैं। पार्टी का कहना है कि दोनों सुबह 11 बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।
धनराज परिमल नाथवानी राज्यसभा चुनाव चर्चा में इसलिए आए क्योंकि वे पारंपरिक सपा चेहरे नहीं माने जाते। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और खेल प्रशासन से भी जुड़े हैं। पिता परिमल नाथवानी उद्योगपति और राज्यसभा सांसद बताए गए हैं। यूपी में 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। दस सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होगा।
संख्या के हिसाब से आठ सीटें भाजपा और दो सपा के खाते में जा सकती हैं। वर्तमान में दस में से आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। नामांकन का दिन इसी समीकरण की औपचारिक शुरुआत है।
नाथवानी कौन हैं और पेशे से क्या करते हैं?
धनराज परिमल नाथवानी को प्रमुख कॉरपोरेट लीडर और खेल प्रशासक बताया गया है। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। अंबानी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं, यह स्रोत का वर्णन है। शिक्षा लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातक की है।
कंपनी में वे महत्वपूर्ण गैर तकनीकी विभाग संभालते हैं। कॉर्पोरेट अफेयर्स, वित्त, मानव संसाधन और सीएसआर का उल्लेख है। गुजरात के जामनगर और वडोदरा विनिर्माण प्रभागों के संचालन की देखरेख भी उनके काम से जुड़ी बताई गई है। रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड समेत समूह की कई कंपनियों में वे निदेशक हैं।
यह पृष्ठभूमि राज्यसभा उम्मीदवारी को उद्योग और प्रबंधन से जोड़ती है। सपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनका पेशेवर केंद्र गुजरात स्थित संयंत्रों और समूह कंपनियों से भी जुड़ा दिखता है। स्रोत इससे आगे राजनीतिक यात्रा का पुराना चुनावी इतिहास नहीं देता। इसलिए पहले विधायक या सांसद रहने का दावा नहीं किया जा सकता।
खेल और सामाजिक भूमिका क्या है?
वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। 2022 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद सर्वसम्मति से इस पद पर चुने गए बताए गए हैं। गुजरात राज्य फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी खेल गतिविधियों से जुड़े हैं।
द्वारकाधीश मंदिर प्रशासनिक समिति के उपाध्यक्ष पद का उल्लेख है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की जीवन यात्रा पर आधारित मेगा म्यूजिकल शो राजाधिराज लव लाइफ लीला का निर्माण किया है। पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी का शौक बताया गया है। गुजरात के वन्यजीवों खासकर गिर के शेरों के संरक्षण अभियानों में सक्रिय रहने का जिक्र है।
ये विवरण उम्मीदवार की सार्वजनिक छवि को कारोबार से बाहर भी ले जाते हैं। क्रिकेट संघ की अध्यक्षता खेल प्रशासन का बड़ा मंच है। मंदिर समिति और म्यूजिकल शो सांस्कृतिक जुड़ाव दिखाते हैं। संरक्षण का शौक अलग परत है। राज्यसभा प्रचार में इन भूमिकाओं का कितना उपयोग होगा, यह नामांकन के बाद की राजनीति तय करेगी। फिलहाल ये स्रोत में दर्ज तथ्य हैं।
राम गोपाल यादव के साथ नामांकन क्यों महत्वपूर्ण है?
राम गोपाल यादव सपा के पुराने और परिचित चेहरे हैं। उनके साथ नाथवानी का पर्चा एक ही समय अखिलेश यादव की उपस्थिति में भरना पार्टी संदेश देता है। एक नाम परिवार और संगठन की निरंतरता से जुड़ा है, दूसरा कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से। सपा दोनों को एक मंच पर ला रही है।
लखनऊ से जारी जानकारी के अनुसार समय सुबह 11 बजे तय है। नामांकन दाखिल होना चुनाव प्रक्रिया का पहला औपचारिक कदम है। 16 अक्टूबर का मतदान उसके बाद आएगा। दस सीटों पर कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए नई सदस्यता उसी रिक्ति को भरेगी।
वर्तमान आंकड़ा साफ है। आठ सीट भाजपा, एक सपा, एक बसपा। आकलन यह है कि संख्या बल से आठ भाजपा और दो सपा के पास जा सकती हैं। यह अनुमान विधायक दल के गणित पर आधारित बताया गया है, अंतिम परिणाम चुनाव के बाद ही आएगा। बसपा की मौजूदा एक सीट के भविष्य पर स्रोत अलग भविष्यवाणी नहीं करता।
यूपी राज्यसभा समीकरण पाठक को क्या बताता है?
राज्यसभा चुनाव विधानसभा संख्या पर चलता है। इसलिए प्रत्याशी का चयन पार्टी की विधायक क्षमता और गठबंधन गणित दोनों से बंधा होता है। सपा दो नामों पर उतरी है। उनमें से धनराज परिमल नाथवानी राज्यसभा चर्चा का नया केंद्र इसलिए बने कि वे पारंपरिक यादव नेतृत्व वाले फ्रेम से अलग प्रोफाइल रखते हैं।
पिता के राज्यसभा सांसद होने का तथ्य परिवार की संसदीय उपस्थिति दिखाता है। पुत्र अब उत्तर प्रदेश से सपा टिकट पर नामांकन कर रहे हैं। यह पीढ़ी और पार्टी दोनों का नया संयोजन है। रिलायंस से जुड़ी जिम्मेदारी और गुजरात खेल संघ की अध्यक्षता उम्मीदवार को राष्ट्रीय कारोबारी तथा खेल हलकों से जोड़ती है। यूपी की सीट उस प्रोफाइल को राज्य की ऊपरी सदन पहुंच देगी, यदि चुनाव में सफलता मिली।
अखिलेश यादव के मौजूद रहने से नामांकन केवल कागजी प्रक्रिया नहीं रह जाता। अध्यक्ष की उपस्थिति समर्थन का दृश्य है। दिल्ली या अन्य जगह की बैठकों से अलग यह लखनऊ का चुनावी कदम है। कल की इंडिया गठबंधन बैठक से अखिलेश के न जुड़ने का कारण भी यही नामांकन बताया जा चुका है।
आगे की तारीखें क्या हैं?
चुनाव 16 अक्टूबर को है। कार्यकाल समाप्ति 25 नवंबर है। आज नामांकन की निर्धारित घड़ी सुबह 11 बजे है। इन तीन बिंदुओं के बीच प्रचार और विधायकों के समर्थन का हिसाब चलेगा। धनराज परिमल नाथवानी राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में अब सार्वजनिक पर्चा प्रक्रिया में हैं। राम गोपाल यादव उसी कतार में पुराने हस्ताक्षर हैं।
सपा ने दोनों नाम आधिकारिक बना दिए हैं। बाकी दलों की पूरी सूची इस स्रोत में नहीं है। इसलिए केवल सपा के दो प्रत्याशियों और सीटों के मौजूदा बंटवारे तक बात सीमित रखनी चाहिए। नामांकन पूरा होने के बाद दस्तावेज जांच और चुनाव की अगली कड़ी शुरू होगी।
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