Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एनडीए को ऐतिहासिक बहुमत दिलाया है, जहां 243 सीटों में से 202 पर गठबंधन मजबूत बढ़त पर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में बिहार चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एनडीए की जीत को ‘चौंकाने वाली’ बताते हुए कहा कि यह यूपी की जीत से तुलना न करने लायक है। अखिलेश ने हार को सबक मानते हुए कहा कि कांग्रेस को 5 सीटों पर सिमटने के बाद यूपी में उन्होंने डबल इंजन को हराया था। उन्होंने एनडीए की महिलाओं को 10 हजार रुपये देने वाली योजना पर तंज कसा और रोजगार की कमी पर जोर दिया।
अखिलेश यादव का बयान: बिहार की जीत यूपी से अलग, हार से सीखें
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे इंडिया महागठबंधन के लिए झटका हैं, लेकिन ये यूपी की जीत से तुलना न करने लायक हैं। उन्होंने कहा, “बिहार की जीत उत्तर प्रदेश की जीत को बराबरी नहीं कर सकता है। यूपी की जीत अलग जीत है, बिहार की जीत अलग जीत है। आप बिहार जीत सकते हैं, लेकिन यूपी की जो हार हुई है उसको जीत में बदलने में समय लगेगा। उसके लिए हम लोग तैयार हैं।” अखिलेश ने जोर दिया कि चुनाव जीत और हार से सबक सिखाते हैं। उन्होंने कांग्रेस की 5 सीटों वाली हार का जिक्र करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में लोगों ने हार से सीखा है और हार से सीखने का मौका मिलता है, जब आप बिल्कुल नीचे पहुंच जाते हैं तो आपको पता चलता है कि वो ऊंचाई पर कैसे पहुंचे हैं। हम हारे थे, हमें याद है कि हमें 5 सीटें मिली थीं, मैं सरकार नहीं बना पाया और उसके बाद हमने उन दोनों डबल इंजन को हराया।
एनडीए की योजना पर तंज: ‘कब तक 10 हजार दोगे?’
अखिलेश ने एनडीए की महिलाओं को 10 हजार रुपये देने वाली योजना पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “चुनाव हमें जीत और हार से सबक सिखाते हैं। बीजेपी कह रही है कि उन्हें महिलाओं से ज्यादा वोट मिले। आखिर कब तक वो महिलाओं को 10 हजार रुपये देंगे? कब तक उन्हें सम्मान की जिंदगी देंगे? आप पॉपुलर हो सकते हैं, वोट ज्यादा मिलेगा। लेकिन बीजेपी जिस तरह से चीजों को लेकर ग्रास रूट तक जाती है। आप देख लीजिए अब उन्होंने कहना शुरू किया है कि उन्हें महिलाओं से ज्यादा वोट मिले। लेकिन आप कब तक 10000 रुपये देंगे? आप सम्मान की जिंदगी कब देंगे? आप उन्हें पैसे दे रहे हो जिनके परिवार एक साथ नहीं रह सकते हैं।”
अखिलेश ने रोजगार की कमी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “दुख की बात है कि बिहार-यूपी जैसे राज्यों से अधिकतर लोग रोजगार के लिए बाहर जाते हैं। वो अपने परिवार को छोड़कर जाते हैं, परिवार के साथ परिवार की तरह रहें, उसके लिए सरकार काम नहीं कर रही है। बस 10 हजार रुपये देकर वोट ले लिया। बाद में जैसे और राज्यों की तरह इसमें नियम लगा देंगे और हमारी माता-बहनों को मदद नहीं मिल रही है।



