Women Health Update: 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं। हड्डियों की मजबूती, दिल की सेहत और मेनोपॉज से जुड़े बदलाव इस उम्र में ज्यादा अहम हो जाते हैं। ऐसे में पोषण पर ध्यान देना जरूरी है, और मैग्नीशियम उन खनिजों में से एक है जिसकी चर्चा अक्सर होती है। लेकिन मैग्नीशियम को किसी समस्या का “रामबाण” मानना सही नहीं है। इस लेख में हम अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) के ऑफिस ऑफ डायटरी सप्लीमेंट्स (ODS) की जानकारी के आधार पर जानेंगे कि मैग्नीशियम क्यों जरूरी है, कितना चाहिए और शोध असल में क्या कहते हैं।
Women Health Update: 40 के बाद महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है मैग्नीशियम, 6 कारण और सही मात्रा
मुख्य बातें
- मैग्नीशियम क्यों है जरूरी?
- 40 के बाद महिलाओं को कितना मैग्नीशियम चाहिए?
- शोध क्या कहते हैं: 6 अहम बातें
- मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत

मैग्नीशियम क्यों है जरूरी?
ODS के अनुसार मैग्नीशियम शरीर की कई प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है। यह मांसपेशियों और नसों के काम, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर के नियंत्रण में भूमिका निभाता है और प्रोटीन, हड्डी और डीएनए बनाने में मदद करता है।
40 के बाद महिलाओं को कितना मैग्नीशियम चाहिए?
ODS के अनुसार वयस्क महिलाओं के लिए रोज की अनुशंसित मात्रा 310–320 mg और पुरुषों के लिए 400–420 mg है। विविध और संतुलित भोजन से यह मात्रा पाई जा सकती है। ODS बताता है कि कम समय तक कम मैग्नीशियम लेने से आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन लंबे समय तक कमी रहने पर भूख न लगना, मितली, उल्टी, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। पेट-आंत की बीमारियों (जैसे क्रोहन और सीलिएक), टाइप 2 डायबिटीज और लंबे समय से शराब की लत वाले लोगों तथा बुजुर्गों में कमी की आशंका ज्यादा होती है।
शोध क्या कहते हैं: 6 अहम बातें
1. हड्डियां
ODS के मुताबिक जिन लोगों के आहार में मैग्नीशियम ज्यादा होता है, उनमें बोन मिनरल डेंसिटी ज्यादा पाई गई है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए अहम है। ODS के अनुसार भोजन या सप्लीमेंट से ज्यादा मैग्नीशियम बुजुर्ग महिलाओं की बोन मिनरल डेंसिटी सुधारने में मदद कर सकता है, लेकिन क्या सप्लीमेंट ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा घटाते हैं या उसका इलाज करते हैं, इस पर और शोध की जरूरत है।
2. ब्लड प्रेशर और दिल
ODS के अनुसार मैग्नीशियम सप्लीमेंट ब्लड प्रेशर को केवल थोड़ा सा कम कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में ज्यादा मैग्नीशियम वाले आहार को कुछ तरह की दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के कम खतरे से जोड़ा गया है, लेकिन ODS के अनुसार यह कहना मुश्किल है कि इसमें कितना असर मैग्नीशियम का था और कितना दूसरे पोषक तत्वों का। सप्लीमेंट बीपी की दवा या कम नमक वाले आहार का विकल्प नहीं हैं।
3. टाइप 2 डायबिटीज
ज्यादा मैग्नीशियम वाले आहार को टाइप 2 डायबिटीज के कम खतरे से जोड़ा गया है, लेकिन ODS के मुताबिक यह समझने के लिए और शोध चाहिए कि सप्लीमेंट डायबिटीज में मदद करते हैं या नहीं।
4. माइग्रेन
कुछ छोटे अध्ययनों में मैग्नीशियम सप्लीमेंट से माइग्रेन के दौरों में मामूली कमी देखी गई है। ODS के अनुसार इस उद्देश्य से मैग्नीशियम सिर्फ डॉक्टर की देखरेख में लेना चाहिए।
5. नींद और मांसपेशियों की ऐंठन
मैग्नीशियम को अक्सर अच्छी नींद और ऐंठन से राहत के लिए प्रचारित किया जाता है, लेकिन ODS की उपभोक्ता फैक्ट शीट में इन फायदों का उल्लेख नहीं है। लगातार अनिद्रा या ऐंठन हो तो कारण की जांच कराएं।
6. मेनोपॉज और हार्मोन
मेनोपॉज के लक्षणों या हार्मोन संतुलन में मैग्नीशियम के असर के बारे में भरोसेमंद प्रमाण हमें नहीं मिले। मेनोपॉज से जुड़ी परेशानियों के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत
ODS के अनुसार दालें और फलियां, मेवे, बीज, साबुत अनाज और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं। दूध, दही और कुछ फोर्टिफाइड फूड्स से भी यह मिलता है। भोजन से मिलने वाला मैग्नीशियम नुकसानदेह नहीं माना जाता, क्योंकि स्वस्थ लोगों में किडनी अतिरिक्त मात्रा पेशाब से निकाल देती है।
सप्लीमेंट लेने से पहले सावधानी
- ODS के अनुसार वयस्कों के लिए सप्लीमेंट और दवाओं से मैग्नीशियम की ऊपरी सीमा 350 mg प्रतिदिन है (भोजन से मिलने वाला मैग्नीशियम इसमें शामिल नहीं)।
- सप्लीमेंट की ज्यादा मात्रा से दस्त, मितली और पेट में ऐंठन हो सकती है।
- बहुत ज्यादा मात्रा से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।
- मैग्नीशियम कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है, जैसे ऑस्टियोपोरोसिस की बिसफॉस्फोनेट दवाएं और कुछ एंटीबायोटिक, जिनका अवशोषण प्रभावित हो सकता है। अपनी सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स के बारे में डॉक्टर को बताएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: 40 के बाद महिलाओं को रोज कितना मैग्नीशियम चाहिए?
उत्तर: ODS के अनुसार वयस्क महिलाओं के लिए 310–320 mg प्रतिदिन।
प्रश्न: क्या मैग्नीशियम सप्लीमेंट जरूरी है?
उत्तर: विविध और संतुलित भोजन से अनुशंसित मात्रा पाई जा सकती है। सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही लें।
प्रश्न: क्या मैग्नीशियम से हाई बीपी ठीक हो जाता है?
उत्तर: नहीं। ODS के अनुसार सप्लीमेंट बीपी को सिर्फ थोड़ा सा कम कर सकते हैं।
प्रश्न: ज्यादा मैग्नीशियम लेने से क्या होता है?
उत्तर: सप्लीमेंट की ज्यादा मात्रा से दस्त, मितली और पेट में ऐंठन हो सकती है।
निष्कर्ष
मैग्नीशियम 40 के बाद महिलाओं के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। संतुलित आहार इसका सबसे अच्छा स्रोत है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है, इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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