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ICMR Report: क्या कोरोना वैक्सीन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा ? जानिए सरकार और रिसर्च का सच

ICMR Report: कोविड के बाद से ही लोगो में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसे घटनाएं ज्यादा देखी गयी है, पिछले कुछ महीनों से आ सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। कुछ घटनाएं, जैसे पार्टी में डांस करते वक्त अचानक गिर जाना, शादी में जयमाल के दौरान मौत, या जिम में एक्सरसाइज करते हुए हार्ट अटैक। इन सबने लोगों के मन में डर बैठा दिया है। हाल ही में कर्नाटक के हासन ज़िले में महज़ 40 दिनों में 20 से ज़्यादा लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई, जिसके बाद वैक्सीन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई। इस बीच कर्नाटक सरकार ने कोरोना वैक्सीन को इन मौतों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस पर भारत सरकार और वैज्ञानिक संस्थानों की ओर से स्पष्ट बयान आ चुका है।

ICMR और AIIMS की स्टडी में क्या सामने आया?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने  एक बयान जारी करते हुए कहा कि ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) और AIIMS ने संयुक्त रूप से एक स्टडी की। यह रिसर्च 2021 से मार्च 2023 के बीच अचानक मौतों के 29 जिलों में 47 अस्पतालों में किए गए डेटा पर आधारित थी। स्टडी में सामने आया कि कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया। लोगों द्वारा लगाए जा रहे इल्जाम बेबुनियाद है।

अचानक हो रही मौतों के पीछे क्या कारण ?

सरकार और विशेषज्ञों का कहना है कि, इन घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं हैं, जैसे तनावपूर्ण जीवनशैली, अधिक प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक शराब व धूम्रपान, नियमित व्यायाम की कमी, अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर। कई युवा हृदय रोगों के प्रति जागरूक नहीं हैं, जिससे अचानक अटैक घातक बन जाता है।

कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकार का क्या कहना

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे किसी भी प्रकार का हार्ट अटैक का खतरा नहीं बढ़ता। वैक्सीन ने महामारी के दौर में लाखों जानें बचाईं, और अभी भी यह बूस्टर डोज के रूप में जरूरी है, खासकर बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए।

सोशल मीडिया सेरहें सावधान

सरकार और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह या झूठी खबर पर भरोसा न करें। केवल सरकारी या प्रमाणिक मेडिकल स्रोतों से जानकारी लें। किसी भी संदिग्ध स्वास्थ्य लक्षण के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं पाया गया है। सरकार की ओर से जारी स्टडी इस बात को सिद्ध करती है। हमें चाहिए कि हम अफवाहों से बचें, जागरूक रहें और वैज्ञानिक सोच को अपनाएं।

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