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Jharkhand News: पलामू में दर्दनाक हादसा, बारात में शामिल चार युवक 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आए, हालत गंभीर

Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की रात जब एक परिवार अपनी खुशियाँ लेकर बारात में निकला था, तब एक पल में सब कुछ बदल गया। बस की छत पर बैठे चार युवक 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को पहले पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर मेदिनीनगर के एमएमसीएच अस्पताल रेफर किया गया है।

Jharkhand News: कब और कहाँ हुई घटना

यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में हुआ। पांकी से लावालौंग जाने वाले मुख्य मार्ग पर गढ़गांव पुलिया के पास यह दुर्घटना घटी। जिस जगह यह हादसा हुआ वह एक व्यस्त सड़क है, जहाँ से आए दिन लोग गुजरते हैं। रात का वक्त होने के कारण आसपास रोशनी कम थी, जिससे बस की छत पर बैठे लोगों को ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार दिखाई नहीं दिए।

बलगड़ा से रिमी रामपुर जा रही थी बारात

मिली जानकारी के मुताबिक, यह बारात पाटन थाना क्षेत्र के बलगड़ा गाँव से निकली थी। बारात रिमी रामपुर, लावालौंग जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में बाराती सवार थे। बस पहले से ही भरी हुई थी, इसलिए कुछ बाराती बस की छत पर बैठ गए। यह ग्रामीण इलाकों में एक आम बात है जहाँ लोग शादी-विवाह के मौकों पर बस की छत पर सवारी करते हैं, लेकिन इस बार यह लापरवाही जानलेवा साबित हो गई।

जैसे ही बस गढ़गांव पुलिया के पास पहुँची, बस की छत पर बैठे बाराती 11 हजार वोल्टेज के हाई टेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गए। पलभर में ही चीख-पुकार मच गई और बस रुक गई।

स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत

जब यह हादसा हुआ तब रात का वक्त था, लेकिन हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुँच गए। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों की मदद की और उन्हें तुरंत पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। अगर स्थानीय लोग समय पर मदद नहीं करते तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ एम्बुलेंस और अन्य सुविधाएँ जल्दी नहीं पहुँचती, वहाँ स्थानीय लोगों की ऐसी मदद किसी की जान बचा सकती है।

पांकी से मेदिनीनगर रेफर

पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी चार घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने घायलों की हालत देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (एमएमसीएच) रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

बिजली के तार और सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पहला सवाल यह है कि आखिर सड़क के ऊपर से गुजरने वाले 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज तार इतनी कम ऊँचाई पर क्यों थे? बिजली विभाग के नियमों के अनुसार, मुख्य सड़कों के ऊपर से गुजरने वाले हाई वोल्टेज तारों की ऊँचाई एक निश्चित स्तर से कम नहीं होनी चाहिए। अगर तारों की ऊँचाई सही होती तो शायद यह हादसा न होता।

दूसरा सवाल यह भी है कि बस की छत पर सवारी की अनुमति क्यों दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या आम है जहाँ लोग शादी-विवाह और त्योहारों के मौकों पर बस की छत पर चढ़ जाते हैं। इसे रोकने की जिम्मेदारी बस चालक और परिचालक की होती है, साथ ही स्थानीय प्रशासन की भी।

झारखंड में बिजली दुर्घटनाओं का बढ़ता आँकड़ा

झारखंड में बिजली से जुड़े हादसों की संख्या हर साल बढ़ रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहाँ बिजली के तार पुराने हैं और उनका रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा। गाँव-देहात में अक्सर देखा जाता है कि बिजली के तार बहुत नीचे लटके रहते हैं जो किसी भी वाहन या व्यक्ति के लिए खतरा बन सकते हैं।

पलामू जिला वैसे भी एक संवेदनशील इलाका है जहाँ विकास की रफ्तार धीमी रही है। यहाँ के लोग पहले ही कई तरह की मुश्किलों का सामना करते हैं। ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाएँ आम लोगों की जिंदगी को और मुश्किल बना देती हैं।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

जिन परिवारों के युवा इस हादसे का शिकार हुए, उनके लिए यह रात बेहद दर्दनाक थी। एक तरफ शादी की खुशियाँ थीं, दूसरी तरफ अचानक यह दुर्घटना हो गई। परिवार के लोग अस्पताल में घायलों के बगल में बैठे उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। चारों युवक अभी जवान हैं और उनके आगे पूरी जिंदगी पड़ी है। उम्मीद है कि डॉक्टरों की मेहनत और परिवार की दुआओं से वे जल्द स्वस्थ होंगे।

Jharkhand News: प्रशासन और बिजली विभाग को जागना होगा

इस हादसे के बाद जरूरी है कि जिला प्रशासन और बिजली विभाग तुरंत कदम उठाए। सबसे पहले उस इलाके में बिजली के तारों की ऊँचाई की जाँच होनी चाहिए और जहाँ भी तार नीचे लटके हों उन्हें तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। इसके अलावा पांकी-लावालौंग मार्ग पर और दूसरी सड़कों पर भी ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर वहाँ चेतावनी के बोर्ड लगाए जाने चाहिए।

बस की छत पर सवारी को सख्ती से रोकना भी जरूरी है। पुलिस और परिवहन विभाग को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो।

Jharkhand News: अपने बचाव का रखें ध्यान

बिजली के हाई वोल्टेज तारों के पास हमेशा सावधान रहना चाहिए। कभी भी किसी बस, ट्रक या अन्य वाहन की छत पर न बैठें, खासकर तब जब आप किसी ऐसे रास्ते से गुजर रहे हों जहाँ बिजली के तार हों। अगर आपके इलाके में बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं तो तुरंत बिजली विभाग को सूचित करें। ऐसी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित होती है।

पलामू के इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि खुशियों के मौकों पर भी सुरक्षा के नियमों को नहीं भूलना चाहिए। जान है तो जहान है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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