शशिपाल के अनुसार, “संदीप ने कुछ समय पहले उन्हें बताया था कि उन्होंने आईजी पूरन कुमार के गनमैन को रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही उन्हें विभाग में टॉर्चर झेलना पड़ रहा था।”
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को घटना की जानकारी टीवी के जरिए मिली थी, और तस्वीरें देखकर उन्होंने तुरंत टीवी बंद कर दिया।
परिवार ने संदीप का शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया और उसे अपने गांव लाढोत ले गए हैं। परिवार का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
संदीप के भाई ने कहा कि उनका भाई “शहीद” हुआ है, क्योंकि उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा, “जिस तरह भगत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही मेरे भाई ने भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ जंग लड़ी है।”
IG पूरन कुमार की संपत्ति जांच की मांग
शशिपाल ने कहा कि सरकार को आईजी पूरन कुमार की संपत्ति की जांच करवानी चाहिए। उनके अनुसार, पूरन कुमार 2 से 3 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि यह वही पूरन कुमार हैं जिन्होंने कुछ समय पहले खुदकुशी की थी। उसी मामले से जुड़ी कार्रवाई में एएसआई संदीप की भूमिका थी। इससे पूरे प्रकरण ने और अधिक संवेदनशील रूप ले लिया है।
संदीप के परिवार में उनकी मां, पत्नी, एक सात वर्षीय बेटा और दो बेटियां हैं। परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट गया है और न्याय की मांग पर अडिग है।
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