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छत्तीसगढ़: हाथी ने महिला पर किया हमला मौत, वन विभाग ने तुरंत सहायता राशि दी

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक जंगली हाथी के हमले में 60 साल की एक ग्रामीण महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार की देर रात हुई इस घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को दी। अधिकारियों के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना कटघोरा वन मंडल के चैतमा क्षेत्र के नामपानी गांव में हुई और मरने वाली महिला का नाम फूलसुंदरी मंझवार था। फूलसुंदरी नामपानी की रहने वाली थीं और घटना के वक्त घर के बाहर बरामदे में अपने पति के साथ सो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद फौरी राहत के तौर पर महिला के परिजनों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है।

रात 3 बजे अचानक पहुंचा जंगली हाथी

अधिकारियों के मुताबिक, फूलसुंदरी और उनके पति घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। रात करीब 3 बजे अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया। हाथी की चिंघाड़ सुनकर फूलसुंदरी जाग गईं और डरकर भागने लगीं। इसी दौरान हाथी ने उन पर हमला कर दिया और कुचलकर उनकी जान ले ली। वहीं, उनके पति ने खाट के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। सुबह घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। कटघोरा वन मंडल के अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि मृतका के परिवार को तुरंत 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है।

पिछले कुछ दिनों से जंगलों में घूम रहा है हाथी

वन्यजीव हमले में मौत होने पर सरकार की ओर से 6 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बाकी के 5 लाख 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। अधिकारी ने आगे कहा कि यह जंगली हाथी बिलासपुर वन मंडल के सीपत क्षेत्र से आया है। यह कटघोरा वन मंडल में पहुंचा और पिछले 4 दिनों से चैतमा क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा है। इस हाथी का व्यवहार बहुत आक्रामक है, इसलिए वन विभाग लगातार इस पर नजर रख रहा है। गांवों में लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है। बताया गया है कि इन दिनों करीब 55 हाथी घूम रहे हैं और एक अप्रैल 2021 से 17 दिसंबर 2025 तक कटघोरा वन मंडल में वन्यजीवों के हमलों से 22 लोगों की जान जा चुकी है।

निष्कर्ष :

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के नामपानी गांव में एक जंगली हाथी के हमले में 60 वर्षीय फूलसुंदरी मंझवार की मौत हो गई। घटना रात लगभग 3 बजे हुई, जब महिला और उनका पति घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। हाथी ने अचानक हमला किया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति ने खाट के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। वन विभाग ने तुरंत परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी सहायता दी। यह हाथी पिछले चार दिनों से चैतमा क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा था और उसका व्यवहार आक्रामक बताया गया है। वन्यजीव हमले में मृतकों के लिए सरकार की ओर से कुल 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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