वाराणसी – डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो लाखों लोगों को प्रभावित करती है। भारत में तो यह तेजी से बढ़ रही है। कई लोग दवा नियमित लेते हैं, फिर भी उनका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल नहीं होता। क्या आप भी ऐसा महसूस करते हैं? इसका मतलब यह नहीं कि दवा काम नहीं कर रही। अक्सर कुछ छोटी-छोटी गलतियां ही बड़ा कारण बन जाती हैं। इस लेख में हम बताएंगे ऐसी 9 आम गलतियां, जो दवा के बावजूद डायबिटीज को कंट्रोल नहीं होने देतीं। इनसे बचकर आप अपनी शुगर को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं। याद रखें, डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी है।
दवा समय पर या सही तरीके से न लेना
बहुत से लोग दवा लेना भूल जाते हैं या गलत समय पर लेते हैं। कुछ तो डोज खुद बदल लेते हैं। इससे ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है। हमेशा डॉक्टर के बताए समय और मात्रा में दवा लें। अगर भूल जाते हैं, तो रिमाइंडर ऐप या अलार्म का इस्तेमाल करें।
खान-पान में लापरवाही करना
केवल मीठा छोड़ना काफी नहीं। सफेद चावल, ब्रेड, प्रोसेस्ड फूड और छिपे कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें भी शुगर बढ़ाती हैं। कई लोग लेबल चेक नहीं करते और ज्यादा कार्ब्स खा लेते हैं। फाइबर युक्त भोजन जैसे सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन पर फोकस करें। छोटे-छोटे मील लें, बड़ा भोजन एक बार में न खाएं।
नाश्ता छोड़ना या अनहेल्दी ब्रेकफास्ट लेना
सुबह का नाश्ता डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे स्किप करने से दिनभर शुगर लेवल बिगड़ जाता है। कई लोग देर से नाश्ता करते हैं या सिर्फ चाय-बिस्किट लेते हैं। हेल्दी ब्रेकफास्ट जैसे ओट्स, अंडे, नट्स या फल-सब्जी लें। इससे दिन की शुरुआत अच्छी होती है।
व्यायाम न करना या अनियमित करना
एक्सरसाइज इंसुलिन को बेहतर काम करने में मदद करती है और शुगर को कंट्रोल करती है। लेकिन ज्यादातर लोग व्यस्तता के कारण इसे नजरअंदाज कर देते हैं। रोज कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करें। अगर अनियमित है, तो धीरे-धीरे आदत डालें।
कम नींद लेना या खराब नींद की आदत
रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद न लेने से इंसुलिन का असर कम हो जाता है और स्ट्रेस बढ़ता है, जो शुगर लेवल बढ़ाता है। कई लोग देर रात तक जागते हैं। नियमित नींद का समय बनाएं और सोने से पहले स्क्रीन अवॉइड करें।
तनाव को नजरअंदाज करना
स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाता है, जो ब्लड शुगर को अनियंत्रित कर देता है। काम का दबाव, परिवार की चिंता आदि से कई लोग प्रभावित होते हैं। ध्यान, योग, मेडिटेशन या हॉबी से स्ट्रेस मैनेज करें। अगर जरूरी हो तो काउंसलर से बात करें।
ब्लड शुगर की नियमित जांच न करना
कई लोग मीटर से शुगर चेक करना भूल जाते हैं या कम करते हैं। इससे पता नहीं चलता कि क्या गलत हो रहा है। डॉक्टर के बताए अनुसार रोज या हफ्ते में कई बार चेक करें। इससे पैटर्न समझ आता है और बदलाव किए जा सकते हैं।
पैरों की देखभाल न करना
डायबिटीज में पैरों की समस्या आम है, जैसे इंफेक्शन या घाव देर से भरना। कई लोग इसे इग्नोर करते हैं। रोज पैर धोएं, मॉइश्चराइजर लगाएं और आरामदायक जूते पहनें। कोई समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर दिखाएं।
डॉक्टर के पास नियमित चेकअप न जाना
कुछ लोग सोचते हैं कि दवा ले रहे हैं तो सब ठीक है। लेकिन डायबिटीज आगे बढ़ती रहती है और दवा बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हर 3-6 महीने में डॉक्टर से मिलें, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और किडनी चेक करवाएं।
ये गलतियां छोटी लगती हैं, लेकिन इनका असर बड़ा होता है। दवा अकेली चमत्कार नहीं करती, इसके साथ लाइफस्टाइल बदलाव जरूरी हैं।
निष्कर्ष:
डायबिटीज को कंट्रोल करना मुश्किल नहीं, बस सही आदतें डालनी पड़ती हैं। अगर आप दवा ले रहे हैं और फिर भी शुगर कंट्रोल नहीं हो रही, तो ऊपर बताई गलतियों पर नजर डालें। इनसे बचकर आप न सिर्फ शुगर लेवल सुधार सकते हैं, बल्कि हार्ट, किडनी और आंखों जैसी जटिलताओं से भी बच सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण, अपने डॉक्टर या डायबिटीज एजुकेटर से लगातार संपर्क में रहें। छोटे बदलाव से बड़ा फर्क पड़ता है। स्वस्थ रहें, खुश रहें!



