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व्हाइट हाउस में मीडिया बैन: ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico पर की कार्रवाई, अन्य संस्थानों को भी चेतावनी

Washington अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को कहा कि CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किया जा रहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इन संस्थानों की रिपोर्टिंग को “फेक न्यूज” बताते हुए यह घोषणा की और संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य मीडिया संस्थानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि इन मीडिया संस्थानों को तत्काल प्रभाव से व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया संस्थानों को राष्ट्रपति और प्रशासन के बारे में “फिक्शन और झूठ” रिपोर्ट नहीं करना चाहिए। हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में किसी विशेष खबर या रिपोर्ट का उदाहरण नहीं दिया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई हो।

क्या वास्तव में लागू हुआ मीडिया बैन?

ट्रंप की घोषणा के बाद इस बात पर भी सवाल उठे कि प्रतिबंध को किस तरह लागू किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घोषणा के समय यह स्पष्ट नहीं था कि इससे पत्रकारों की व्हाइट हाउस क्रेडेंशियल्स, प्रेस ब्रीफिंग, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों या व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश पर किस स्तर का असर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, घोषणा के बाद भी संबंधित संस्थानों के पत्रकार व्हाइट हाउस में अपना काम कर रहे थे।

पहले भी AP पर लगाया गया था प्रतिबंध

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच प्रेस एक्सेस को लेकर विवाद सामने आया है। फरवरी 2025 में Associated Press के पत्रकारों को कुछ राष्ट्रपति कार्यक्रमों और स्थानों से बाहर रखा गया था। विवाद का संबंध AP द्वारा “Gulf of America” नाम का इस्तेमाल न करने से भी जुड़ा था। AP ने इस मामले में मुकदमा दायर किया था। अप्रैल 2025 में एक संघीय न्यायाधीश ने व्हाइट हाउस को AP की पहुंच बहाल करने का आदेश दिया था, हालांकि मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रही।

पहले संशोधन को लेकर कानूनी सवाल

CNN, MS NOW और Politico पर प्रस्तावित प्रतिबंध के बाद अमेरिकी संविधान के First Amendment और राष्ट्रपति के प्रेस एक्सेस को लेकर कानूनी सवाल उठ रहे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन इस प्रतिबंध को किस कानूनी आधार पर लागू करेगा और अदालत में इसे किस तरह चुनौती दी जाएगी। Reuters के अनुसार, मीडिया संगठनों और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े समूहों की ओर से कानूनी चुनौती की संभावना है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ट्रंप ने केवल इन तीन संस्थानों का नाम नहीं लिया, बल्कि भविष्य में अन्य “फेक न्यूज” मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अगली कार्रवाई किन संस्थानों के खिलाफ होगी।

मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच बढ़ता तनाव

ट्रंप और अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच लंबे समय से टकराव देखने को मिलता रहा है। दूसरे कार्यकाल में भी प्रेस एक्सेस, रिपोर्टिंग और मीडिया कवरेज को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। CNN, MS NOW और Politico को लेकर ताजा घोषणा ने इस बहस को फिर तेज कर दिया है कि राष्ट्रपति प्रशासन और स्वतंत्र प्रेस के बीच संबंध किस तरह होने चाहिए।

फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घोषित प्रतिबंध वास्तव में किस रूप में लागू होता है और अदालतें प्रेस एक्सेस तथा प्रथम संशोधन से जुड़े सवालों पर क्या रुख अपनाती हैं।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

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