Air Ambulance Crash: झारखंड से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित करमाटांड़ के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान पर सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में मरीज, उनके दो परिजन, दो पायलट, एक डॉक्टर और एक नर्स शामिल हैं। तलाशी अभियान के बाद सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं।
कौन था विमान में और क्यों जा रहे थे दिल्ली?

रेड बर्ड एविएशन कंपनी का बीचक्राफ्ट C-90 विमान रांची के देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। संजय कुमार आग से बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी। उनके साथ दो परिजन अर्चना देवी और ध्रुव कुमार भी विमान में सवार थे। मेडिकल टीम में डॉ. विकास कुमार गुप्ता और नर्स सचिन कुमार मिश्रा थे जबकि विमान को कैप्टन विवेक विकास भगत और को-पायलट कैप्टन सबराजदीप सिंह उड़ा रहे थे।
मृतकों की पूरी सूची
प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सातों लोगों की पहचान इस प्रकार है। कैप्टन विवेक विकास भगत पायलट थे और कैप्टन सबराजदीप सिंह को-पायलट। मरीज संजय कुमार 41 वर्षीय थे जो बर्न इंजरी से पीड़ित थे। अर्चना देवी और ध्रुव कुमार मरीज के परिजन थे। डॉ. विकास कुमार गुप्ता चिकित्सक थे और सचिन कुमार मिश्रा नर्स की भूमिका में थे।
उड़ान भरने के 23 मिनट बाद ही टूट गया संपर्क
डीजीसीए की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार विमान ने रांची एयरपोर्ट से सोमवार शाम 7 बजकर 11 मिनट पर दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के बाद विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। पायलटों ने खराब मौसम की वजह से मार्ग बदलने का अनुरोध किया था। हालांकि शाम 7 बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में विमान का संचार और रडार संपर्क अचानक टूट गया। यानी उड़ान भरने के महज 23 मिनट बाद ही यह दुर्घटना हो गई। विमान की अंतिम लोकेशन चतरा जिले की कसरिया पंचायत के पास दर्ज की गई थी।
ग्रामीणों ने सुनी विस्फोट की आवाज
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने करमाटांड़ के जंगलों की दिशा से एक कान फोड़ देने वाली विस्फोट जैसी आवाज सुनी और उसके बाद जंगल की ओर से धुएं का घना गुबार उठते देखा। ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. और एसपी के निर्देश पर पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घना जंगल और रात का अंधेरा होने के कारण राहत और तलाशी अभियान में कठिनाई आई लेकिन अंततः सभी सात शव बरामद कर लिए गए।
एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान भी हो चुकी है।
Air Ambulance Crash: हादसे का कारण अभी अज्ञात
विमान हादसे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक तौर पर खराब मौसम को मुख्य वजह माना जा रहा है क्योंकि पायलटों ने खुद कोलकाता ATC से मार्ग बदलने का अनुरोध किया था जो मौसम की खराबी की ओर इशारा करता है। विमानन नियामक DGCA और इमरजेंसी डेटा सेंट्रलाइज्ड एक्शन प्लान पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रहे हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। यह हादसा एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा और खराब मौसम में उड़ान प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



