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Lip Filler और Botox कराने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना बाद में पड़ सकता है पछताना

Lip Filler & Botox Tips: सोशल मीडिया के इस दौर में खूबसूरत दिखने का दबाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हर दिन ऐसे वीडियो और तस्वीरें आती हैं जिनमें सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर एकदम परफेक्ट होंठों और बेदाग चेहरे के साथ नजर आते हैं। इसी को देखकर युवतियों में लिप फिलर, चीकबोन लिफ्ट और बोटॉक्स जैसे ब्यूटी ट्रीटमेंट कराने की चाहत तेजी से बढ़ी है।

भारत में भी यह चलन अब बड़े शहरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंच गया है। डर्मेटोलॉजी क्लीनिक और ब्यूटी सेंटर में हर महीने हजारों महिलाएं इन ट्रीटमेंट के लिए आ रही हैं। लेकिन समस्या यह है कि इनमें से बहुत कम लोग इन प्रक्रियाओं के बारे में पूरी जानकारी लेकर जाती हैं। जोश में आकर फैसला करना और बाद में परेशान होना, यही सबसे बड़ी गलती है जो लोग करते हैं। इसीलिए जरूरी है कि लिप फिलर या बोटॉक्स कराने से पहले आप इन दोनों के बारे में हर जरूरी बात जान लें।

फिलर और बोटॉक्स: दोनों अलग हैं, भ्रम में न रहें

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि फिलर और बोटॉक्स दो बिल्कुल अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। बहुत से लोग इन दोनों को एक ही समझते हैं लेकिन यह गलत है।

बोटॉक्स में एक खास किस्म के न्यूरोटॉक्सिन का इस्तेमाल किया जाता है। इसे चेहरे की उन मांसपेशियों में इंजेक्ट किया जाता है जो झुर्रियां बनाती हैं। इंजेक्शन के बाद ये मांसपेशियां कुछ समय के लिए ढीली पड़ जाती हैं जिससे माथे की लकीरें, आंखों के पास की झुर्रियां और चेहरे की सिलवटें कम दिखने लगती हैं। यह असर आमतौर पर 3 से 6 महीने तक रहता है।

दूसरी तरफ डर्मल फिलर में हाइलूरोनिक एसिड का इस्तेमाल होता है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो हमारी त्वचा में पहले से मौजूद होता है लेकिन उम्र के साथ कम होता जाता है। फिलर को मुख्य रूप से होंठों को भरा हुआ और आकर्षक बनाने के लिए, गालों को उठाने के लिए और चेहरे पर गहरी रेखाओं या गड्ढों को भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

फिलर के तीन प्रकार- कौन सा आपके लिए सही है

Lip Filler & Botox Tips
Lip Filler & Botox Tips

अगर आप लिप फिलर या कोई अन्य डर्मल फिलर कराने का मन बना रही हैं तो यह जान लें कि फिलर मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं और हर एक का असर अलग-अलग समय तक रहता है।

पहला है टेम्पेररी फिलर जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसका असर 6 महीने से 1 साल तक रहता है और उसके बाद यह खुद-ब-खुद शरीर में घुल जाता है। जो लोग पहली बार फिलर करा रही हैं उनके लिए यही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

दूसरा है सेमी परमानेंट फिलर जिसका असर 1 से 2 साल तक रह सकता है। यह टेम्पेररी से ज्यादा समय तक टिकता है लेकिन इसे हटाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

तीसरा है परमानेंट फिलर जो बहुत लंबे समय तक रहता है। हालांकि विशेषज्ञ इसे कराने की सलाह बहुत कम देते हैं क्योंकि इसे बाद में ठीक करना या हटाना काफी जटिल हो सकता है। अगर परिणाम मन मुताबिक न हो तो परेशानी बढ़ सकती है।

Lip Filler & Botox Tips: सही एक्सपर्ट चुनना है सबसे जरूरी काम

लिप फिलर या बोटॉक्स कराने में जो सबसे बड़ी गलती लोग करते हैं वह है किसी भी सस्ती क्लीनिक या अनुभवहीन व्यक्ति के पास जाना। सस्ते के चक्कर में लोग अक्सर ऐसी जगह जाते हैं जहाँ न तो सही उपकरण होते हैं और न ही सही ट्रेनिंग।

यह याद रखें कि ये प्रक्रियाएं सिर्फ ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं हैं बल्कि इनमें आपके चेहरे पर सुई से इंजेक्शन लगाया जाता है। गलत हाथों में जाने पर इसके नतीजे बेहद खराब हो सकते हैं। चेहरे पर टेढ़ापन, जरूरत से ज्यादा फिलर, इंफेक्शन या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए हमेशा किसी सरकारी मान्यता प्राप्त डर्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन के पास जाएं। उनका अनुभव, सर्टिफिकेट और पुराने मरीजों के रिव्यू जरूर देखें। थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने से चेहरे की सुरक्षा बेहतर रहेगी।

एलर्जी टेस्ट- इसे कभी न छोड़ें

किसी भी फिलर या बोटॉक्स ट्रीटमेंट से पहले एलर्जी टेस्ट कराना बेहद जरूरी है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और जो केमिकल किसी एक को सूट करता है वह दूसरे को नुकसान पहुंचा सकता है। एक अच्छा विशेषज्ञ हमेशा ट्रीटमेंट से पहले आपसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री पूछेगा, एलर्जी टेस्ट करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आपको इंजेक्ट किया जाने वाला पदार्थ आपके लिए सुरक्षित है। अगर कोई एक्सपर्ट बिना इन सब के सीधे ट्रीटमेंट करने को कहे तो समझ जाइए कि वह सही जगह नहीं है।

दर्द, नीले निशान और गांठ, घबराएं नहीं, यह सामान्य है

लिप फिलर कराने के बाद बहुत से लोग घबरा जाते हैं जब उन्हें होंठों पर दर्द, हल्की सूजन और नीले या बैंगनी रंग के धब्बे नजर आते हैं। लेकिन यह बिल्कुल सामान्य है और इससे डरने की जरूरत नहीं है।

होंठों की त्वचा बेहद पतली होती है और वहाँ रक्त वाहिकाएं भी बहुत ज्यादा होती हैं। इसीलिए इस हिस्से में इंजेक्शन लगने पर थोड़ा दर्द और नीले धब्बे होना स्वाभाविक है। यह 3 से 7 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है।

इसके अलावा ट्रीटमेंट के बाद कुछ दिनों तक होंठों में या जहाँ फिलर लगाया गया है वहाँ हल्की गांठ जैसी महसूस हो सकती है। यह भी सामान्य है और फिलर के पूरी तरह त्वचा में सेट होने के बाद यह ठीक हो जाती है। आमतौर पर फिलर को पूरी तरह त्वचा में घुलने और सेट होने में करीब एक हफ्ते का समय लगता है। इसलिए तुरंत नतीजे की उम्मीद न रखें।

21 साल से कम उम्र में न कराएं यह ट्रीटमेंट

यह बात बेहद जरूरी है और खासतौर पर युवा लड़कियों के लिए। विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि 21 साल से कम उम्र की युवतियों को लिप फिलर या बोटॉक्स जैसी कोई भी प्रक्रिया नहीं करानी चाहिए। इसकी वजह यह है कि इस उम्र तक चेहरे का विकास पूरी तरह नहीं हुआ होता और इन ट्रीटमेंट का असर जवान त्वचा पर अलग और कभी-कभी नुकसानदेह हो सकता है।

बार-बार कराने से हो सकती है फाइब्रोसिस की समस्या

एक और जरूरी बात जो बहुत कम लोग जानते हैं वह है फाइब्रोसिस का खतरा। अगर आप बार-बार एक ही जगह पर फिलर कराती रहती हैं तो सुई की वजह से उस हिस्से के ऊतकों में धीरे-धीरे कड़ापन आ सकता है। इसे फाइब्रोसिस कहते हैं। हालांकि यह बहुत गंभीर समस्या नहीं है लेकिन इससे बचना बेहतर है। इसीलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फिलर को जरूरत से ज्यादा बार और बहुत कम अंतराल में न कराएं।

पसंद न आए तो घुलवा सकती हैं फिलर

यह सुनकर बहुत से लोगों को राहत मिलती है कि अगर फिलर का नतीजा पसंद न आए तो इसे हटवाया भी जा सकता है। हाइलूरोनिक एसिड बेस्ड फिलर को एक खास इंजेक्शन से घुलाया जा सकता है। इसके लिए कोई निश्चित समय तय नहीं है, जब चाहें तब यह करा सकती हैं।

यही वजह है कि पहली बार फिलर कराने वालों के लिए हमेशा हाइलूरोनिक एसिड बेस्ड टेम्पेररी फिलर की सलाह दी जाती है क्योंकि इसे बाद में आसानी से ठीक किया जा सकता है।

निष्कर्ष

लिप फिलर और बोटॉक्स अगर सही जगह, सही विशेषज्ञ से और सही उम्र में कराए जाएं तो यह सुरक्षित और फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन बिना जानकारी के और जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए पहले पूरी जानकारी लें, एक अच्छे और अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें और फिर सोच-समझकर फैसला करें। खूबसूरती बढ़ाना अच्छी बात है लेकिन अपनी सेहत से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी ब्यूटी ट्रीटमेंट से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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