Mumbai: टाटा संस के इतिहास में पहली बार कंपनी की वार्षिक आम बैठक यानी AGM कोरम की कमी के कारण रद्द कर दी गई। ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक और कार्यकाल न लेने का फैसला किया है।
AGM क्यों रद्द हुई?
सूत्रों के अनुसार AGM रद्द होने की वजह सर रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी पाबंदी है।
- टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की हिस्सेदारी लगभग 66% है
- सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट मिलकर एक प्रतिनिधि नामित करते हैं
- महाराष्ट्र चैरिटीज कमिश्नर के आदेशों के तहत सर रतन टाटा ट्रस्ट किसी बड़े निर्णय या बैठक में हिस्सा नहीं ले सकता
इसी वजह से कोरम पूरा नहीं हो सका और बैठक रद्द करनी पड़ी
बैठक में चंद्रशेखरन और अनीता जॉर्ज बॉम्बे हाउस में मौजूद थे। नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन ऑनलाइन जुड़े थे।
अध्यक्ष पद के उत्तराधिकारी की तलाश
चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। इसके बाद उत्तराधिकारी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआत सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने की है।
नोएल टाटा की भूमिका अहम
टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा नए चेयरमैन के चयन में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। वो टाटा संस के बोर्ड में भी निदेशक हैं।
- नवंबर में 70 साल के होने पर वो 6 टाटा कंपनियों के बोर्ड से रिटायर होंगे: ट्रेंट, टाटा स्टील, टाइटन, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट और टाटा इंटरनेशनल
- लेकिन टाटा ट्रस्ट्स के नामित सदस्य होने के कारण टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे
आखिरी फैसला टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत बनी औपचारिक समिति करेगी।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल की हाइलाइट्स
मई की बोर्ड मीटिंग में चंद्रशेखरन ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और विमानन में विस्तार की योजनाएं रखी थीं। उनके नेतृत्व में टाटा ने एयर इंडिया, बिगबास्केट और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए बिजनेस में कदम रखा।
नोएल टाटा ने मीटिंग में एयर इंडिया और बिगबास्केट के नुकसान पर सवाल भी उठाए थे।
आगे क्या?
AGM रद्द होना टाटा संस के लिए अप्रत्याशित स्थिति है। अब सभी की नजरें नए चेयरमैन के चयन और टाटा ट्रस्ट्स के अगले कदम पर हैं।


