Ayodhya: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। गृह विभाग द्वारा रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसे जरूरी कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दिया गया है।
SIT रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
1. चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत
SIT की अंतिम रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट दी गई है। वहीं ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ भी कोई आरोप तय नहीं किए गए हैं। विवाद के दौरान दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
2. SIT का गठन और जांच
चढ़ावे मामले की जांच के लिए ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को 3 सदस्यीय SIT बनाई गई थी।
- अध्यक्ष: लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत
- सदस्य: आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार
- टीम ने वित्तीय दस्तावेजों, तथ्यों की पड़ताल और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
3. 8 लोगों पर पहले से दर्ज है मुकदमा
SIT ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। उसके आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर 8 लोगों को नामजद किया गया था: अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू।
आरोपियों पर BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज है। गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।
आगे क्या होगा?
अब अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।


