Kal Ka Mausam 21 September 2026: देश में मानसून अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इसी बीच मौसम विभाग ने कल यानी 21 सितंबर के लिए ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक कल दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिख रही है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है, जबकि हवा की रफ्तार कुछ जगहों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तर भारतीय राज्यों में मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत साफ रहने वाला है, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में कल का मौसम कैसा रहने वाला है।
दक्षिण और मध्य भारत में भारी बारिश-थंडरस्क्वॉल की चेतावनी
कल यानी 21 सितंबर को दक्षिण और मध्य भारत मौसम की दृष्टि से सबसे ज्यादा सक्रिय क्षेत्र रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश में खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यहां थंडरस्क्वॉल की चेतावनी दी गई है, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु के कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
केरल-कर्नाटक में मानसून अब भी सक्रिय
केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में मानसून की गतिविधियां अभी भी बनी हुई हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं भारी बौछारें पड़ने की भी आशंका है। चेन्नई और उसके आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी जमा होने से बचाने के लिए नालियों की सफाई पहले से करा लें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, गुजरात में राहत

पश्चिम भारत में कल मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। कोंकण और गोवा क्षेत्र में कई जगहों पर बारिश जारी रह सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में बादल छाए रहेंगे और कभी-कभार बौछारें भी पड़ सकती हैं। इसके उलट गुजरात में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर नजर आ रही है, जहां बारिश की मात्रा कम रहने का अनुमान है। सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में भी मानसून कमजोर पड़ता दिख रहा है, जिससे अहमदाबाद और सूरत में मौसम सामान्य बना रहेगा।
उत्तर भारत में मानसून की वापसी, मौसम रहेगा शुष्क
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में कल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और साफ रहने की उम्मीद है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों से मानसून पहले ही वापस लिया जा चुका है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना काफी कम है। दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ से आंशिक बादलों वाला रह सकता है, जबकि गर्मी का एहसास बना रहेगा। पहाड़ी इलाकों जैसे शिमला और नैनीताल में तापमान अपेक्षाकृत ठंडा दर्ज किया जाएगा।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में हल्की बारिश के आसार
पूर्वी भारत में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इन क्षेत्रों में नमी का स्तर ऊंचा रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी का एहसास हो सकता है।
प्रमुख शहरों का तापमान और मौसम
| शहर | मौसम की स्थिति | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | साफ से आंशिक बादल, बारिश की संभावना नगण्य | 34-35°C | 24-25°C |
| मुंबई | बादल छाए, हल्की बारिश संभव | 30-32°C | – |
| चेन्नई | आंशिक बादल, हल्की बौछारें | 32-33°C | – |
| कोलकाता | बादल छाए, हल्की बारिश | 30-31°C | – |
| बेंगलुरु | बादल और हल्की बारिश | 27-29°C | – |
| हैदराबाद | गरज-चमक के साथ बारिश संभव | 30-32°C | – |
| पटना | आंशिक बादल, हल्की बारिश संभव | 32-34°C | – |
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
दक्षिण और मध्य भारत में रहने वाले लोगों को कल घर से निकलते वक्त छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है। गरज-चमक वाले इलाकों में खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा बना रहता है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है, खासकर सब्जी और फल की फसलों में पानी जमा न होने दें। जो यात्री दक्षिण भारत की यात्रा पर निकलने वाले हैं, उन्हें फ्लाइट और ट्रेन के शेड्यूल में संभावित देरी को ध्यान में रखना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौजूदा मौसमी हलचल के पीछे मुख्य वजह मानसून के अपने अंतिम चरण में पहुंचने से जुड़ी है। उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, जो हर साल की सामान्य प्रक्रिया है, जबकि दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय कुछ मौसमी सिस्टम के चलते बारिश की गतिविधियां अभी बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में इन सिस्टम के कमजोर पड़ने के साथ बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे घटने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि तटीय राज्यों में सतर्कता अभी भी बनी रहेगी।
कुल मिलाकर कल का मौसम देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रंग दिखाने वाला है। जहां दक्षिण और मध्य भारत में भारी बारिश और थंडरस्क्वॉल की चुनौती बनी रहेगी, वहीं उत्तर भारत में मौसम शुष्क रहने के साथ मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें और अपनी यात्रा व दैनिक गतिविधियों की योजना उसी के अनुसार तय करें। सही जानकारी और समय पर सतर्कता ही इस मौसमी बदलाव से सुरक्षित रहने का सबसे कारगर तरीका है।
Read More Here:-
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

