डेस्क: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में बुधवार की सुबह घने कोहरे की मोटी परत छा गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर देखने को मिला, जहां दृश्यता बेहद कम हो गई। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी लगभग नगण्य स्तर तक गिर गई थी। इसका सीधा असर हवाई उड़ानों पर पड़ा और कई फ्लाइट्स को रद्द या विलंबित करना पड़ा। घने कोहरे के कारण कम से कम 148 उड़ानों को रद्द किया गया, जबकि 150 से अधिक फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इससे यात्रियों को उड़ान से पहले और बाद में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन और एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति अवश्य जांच लें।
विजिबिलिटी में भारी गिरावट और मौसम विभाग की चेतावनी

राजधानी में कोहरे का असर रात से ही बढ़ना शुरू हो गया था। मौसम विभाग ने पहले ही ‘डेंस फॉग’ यानी बेहद घने कोहरे की चेतावनी जारी कर दी थी। सुबह होते-होते कई इलाकों में दृश्यता घटकर मात्र 50 से 100 मीटर तक रह गई। इतनी कम विजिबिलिटी में उड़ानों का सुरक्षित संचालन बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। IGIA जैसे व्यस्त हवाई अड्डे पर न्यूनतम विजिबिलिटी की शर्त पूरी न हो पाने के कारण कई विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ रोकनी पड़ी। हालांकि कुछ विमान CAT-III तकनीक से लैस होते हैं, लेकिन सभी उड़ानों में यह सुविधा उपलब्ध न होने के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
रद्द और देरी से संचालित उड़ानों की स्थिति

दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन और फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम के अनुसार, कुल 78 आने वाली और 70 प्रस्थान करने वाली उड़ानों को रद्द किया गया। इसके अलावा कुछ उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों पर डायवर्ट करना पड़ा। कई फ्लाइट्स अपने तय समय से 20–30 मिनट से लेकर कई घंटों की देरी से रवाना हुईं। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और वेटिंग एरिया पूरी तरह भर गए। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही उड़ानों का संचालन सामान्य हो सकेगा।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी

घने कोहरे के चलते यात्रियों को गंभीर असुविधा झेलनी पड़ी। कई लोग सुबह-सुबह एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों की फ्लाइट अचानक रद्द होने से उनकी आगे की यात्रा योजनाएं बिगड़ गईं। रिफंड और री-बुकिंग के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को खासा कष्ट उठाना पड़ा। कई यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि समय पर सही जानकारी न मिलने से उन्हें परेशानी हुई। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की कि वे मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट के जरिए उड़ान से जुड़ी ताजा जानकारी लेते रहें।
रेल और सड़क परिवहन भी प्रभावित

कोहरे का असर केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। रेलवे सेवाएं भी इससे प्रभावित हुईं। कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। सड़क मार्गों पर भी दृश्यता कम होने के कारण वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। बस सेवाएं और निजी वाहन समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। सुबह और शाम के समय ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी रही। कोहरे के कारण आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई और दफ्तर जाने वालों को भी देरी का सामना करना पड़ा।
एयरलाइंस और प्रशासन की तैयारी
एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की और कहा कि बिना फ्लाइट स्टेटस जांचे एयरपोर्ट न आएं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने बताया कि यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है। जैसे-जैसे विजिबिलिटी में सुधार होगा, उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य किया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को देरी के दौरान आवश्यक सुविधाएं, भोजन और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
आगे भी बना रह सकता है कोहरे का असर
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक घने कोहरे और शीतलहर की संभावना जताई है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान और गिर सकता है, जिससे कोहरा और प्रदूषण दोनों बढ़ सकते हैं। ऐसे में हवाई, रेल और सड़क परिवहन पर असर जारी रहने की आशंका है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि कम विजिबिलिटी में सावधानी बरतें, यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।



