Lal Bahadur Shastri: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की सादगी की मिसालें आज भी दी जाती हैं। उनके बेटे अनिल शास्त्री ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज का एक किस्सा सुनाया, जो उनकी साधारण जिंदगी को दर्शाता है। अनिल शास्त्री ने बताया कि जब वे सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ते थे, तब उनके पिता प्रधानमंत्री थे। लेकिन कॉलेज आने-जाने के लिए न कोई स्पेशल कार थी और न बॉडीगार्ड। अनिल खुद साइकिल से कॉलेज जाते थे। एक दिन प्रिंसिपल ने पूछा कि तुम्हारे पिता प्रधानमंत्री हैं, तो सुरक्षा क्यों नहीं है। अनिल ने घर आकर पिता से यह बात कही। शास्त्री जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि सुरक्षा तो देश की जनता करती है। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो नेताओं की शानो-शौकत देखते हैं, उनके लिए यह किस्सा प्रेरणा है। शास्त्री जी की सादगी आज भी लोगों को प्रभावित करती है।
सेंट स्टीफेंस कॉलेज का दिलचस्प किस्सा
अनिल शास्त्री ने बताया कि सेंट स्टीफेंस जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ाई के दौरान कोई स्पेशल सुविधा नहीं ली। साइकिल से आना-जाना आम बात थी। प्रिंसिपल की चिंता पर शास्त्री जी ने कहा कि जनता ही उनकी सुरक्षा है। वे कभी प्रोटोकॉल के बोझ तले नहीं दबे। प्रधानमंत्री होने पर भी सादा जीवन जिया। यह किस्सा उनकी सादगी और जनता पर भरोसे को दिखाता है। अनिल शास्त्री अक्सर पिता की कहानियां सुनाते हैं ताकि नई पीढ़ी सीख ले।
शास्त्री जी की सादगी के और उदाहरण
लाल बहादुर शास्त्री की जिंदगी सादगी की मिसाल थी। प्रधानमंत्री रहते हुए भी वे साधारण कपड़े पहनते थे और जनता से सीधा जुड़ाव रखते थे। जय जवान जय किसान का नारा देकर उन्होंने देश को एकजुट किया। उनकी ईमानदारी और मेहनत आज भी प्रेरणा देती है। अनिल शास्त्री का यह किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग शास्त्री जी को याद कर रहे हैं। यह कहानी बताती है कि असली नेतृत्व सादगी और जनसेवा में होता है। बिहार से लेकर पूरे देश में शास्त्री जी की याद आज भी जिंदा है।



