डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसियों के लिए 30-दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप वीजा की घोषणा हुई। पुतिन ने भारत को बिना रुके ईंधन और हथियार सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ भी साझेदारी मजबूत करेंगे।
रूस और भारत की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और 30-दिन का ग्रुप टूरिस्ट वीजा शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा – ‘इस साल अक्टूबर में लाखों भक्तों ने इंटरनेशनल बुध्दिस्ट फोरम में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद लिया। मुझे खुशी है कि हम जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और 30-दिन का ग्रुप टूरिस्ट वीजा शुरू करने जा रहे हैं।’
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इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत-रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में दोनों देश के लीडर ने व्यापार और कृषि जैसे क्षेत्रों में कई एग्रीमेंट (MoUs) पर साइन किए। यह एग्रीमेंट कानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं होते, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े और औपचारिक एग्रीमेंट की दिशा तय करने वाले शुरुआती डॉक्यूमेंट होते हैं।
पुतिन बोले – बिना रुके ईंधन की आपूर्ति रखेंगे जारी:
अमेरिका के रूस के साथ क्रूड ऑयल बिजनेस बंद करने के दबाव के बीच रूस के पुतिन ने कहा कि वे भारत को ईंधन की ‘बिना रुके आपूर्ति’ जारी रखेंगे। पुतिन ने कहा – ‘रूस भारत की एनर्जी ग्रोथ के लिए आवश्यक क्रूड ऑयल, गैस, कोयला और हर चीज का भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता है। हम तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की बिना रुके आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार हैं।’
आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं भारत और रूस:
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। चाहे पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ें एक ही हैं। भारत का मानना है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
भारत को देते रहेंगे हथियार:
पुतिन ने कहा कि पिछले करीब 50 साल से रूस भारतीय सेना को हथियार देने और उसे आधुनिक बनाने में मदद करता आ रहा है। चाहे वह एयर डिफेंस फोर्सेज हो, एविएशन हो या नेवी। कुल मिलाकर, जिन बातचीत को हमने अभी पूरा किया है, उनके नतीजों से हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि यह दौरा और यहां हुए एग्रीमेंट भारत-रूस की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और बढ़ाएंगे, जिससे हमारे दोनों देशों और भारत-रूस की लोगों को फायदा मिलेगा।
निष्कर्ष:
मोदी-पुतिन की ये मीटिंग कोई शो नहीं – ये भारत-रूस की 80 साल पुरानी दोस्ती का नया चैप्टर है। फ्री वीज़ा से टूरिज़म बूस्ट, ईंधन सप्लाई से एनर्जी सिक्योर, $100 बिलियन ट्रेड से इकोनॉमी मज़बूत। दुनिया देख रही है – भारत पीस का साइड ले रहा है, रूस सपोर्ट कर रहा है।
आज रात न्यूज़ देखो। और सोचो – ये डील तुम्हारे पेट्रोल बिल को कैसे सस्ता करेगी।



