Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राज्य का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है और नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में, नीतीश कुमार का लालू पर हमला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के उस पुराने दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार ने कभी उन्हें 10,000 लौटाए थे। नीतीश कुमार ने इस पूरे वाकये को “पूरी तरह झूठा” और “बकवास” करार दिया है।
क्या है 10,000 लौटाने का पूरा मामला?
दरअसल, यह एक पुराना वाकया है जिसका जिक्र राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव कई मौकों पर करते रहे हैं। इस दावे के जरिए RJD यह बताने की कोशिश करती रही है कि एक समय था जब नीतीश कुमार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्होंने लालू परिवार से मदद ली थी, जिसे उन्होंने बाद में लौटा दिया। यह दावा RJD की उस रणनीति का हिस्सा रहा है जिसके तहत वे नीतीश कुमार को एक ऐसे नेता के तौर पर पेश करना चाहते हैं, जो लालू यादव की मदद से ही आगे बढ़े।
राबड़ी देवी ने पहले कई साक्षात्कारों में यह दावा किया था कि नीतीश कुमार ने एक बार उन्हें 10,000 की राशि लौटाई थी, जो शायद उन्होंने पहले कभी ली होगी। RJD इस प्रसंग का इस्तेमाल नीतीश कुमार की ‘स्वतंत्र’ छवि को कमतर आंकने और उन्हें ‘अहसान फरामोश’ बताने के लिए करती रही है।
नीतीश कुमार का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को इस दावे की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में कहा, “यह सब बिल्कुल झूठी बात है। कौन किसको पैसा लौटा रहा था? यह सब बकवास है। ऐसी बातों का कोई आधार नहीं है।” नीतीश कुमार का लालू पर हमला यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा कि RJD के लोग सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए ऐसी बेबुनियाद बातें करते रहते हैं।
नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने कभी लालू परिवार से इस तरह की कोई आर्थिक मदद ली और न ही उसे लौटाने का कोई सवाल उठता है। उन्होंने कहा, “हम इन सब चीजों में विश्वास नहीं करते। हम सिर्फ काम करने में विश्वास रखते हैं। जनता की सेवा ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।
RJD के ‘पति-पत्नी राज’ पर भी साधा निशाना
CM नीतीश कुमार ने RJD के 15 साल के शासनकाल पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने लालू-राबड़ी के शासनकाल को ‘पति-पत्नी का राज’ बताते हुए कहा कि उस दौरान बिहार में कोई काम नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डरते थे। कोई सड़क नहीं थी, कोई विकास का काम नहीं होता था। हमने 2005 में सत्ता संभाली और तब से बिहार को उस ‘जंगल राज’ से बाहर निकाला है।”
चुनाव से पहले शुरू हुई ‘ओल्ड बनाम गोल्ड’ की लड़ाई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का लालू पर हमला और इस पुराने व्यक्तिगत दावे का खंडन, 2025 के चुनावी नैरेटिव को सेट करने की एक कोशिश है। नीतीश कुमार अपनी ‘सुशासन बाबू’ और ‘बेदाग’ छवि को बनाए रखना चाहते हैं। वह RJD के उन सभी दावों को खारिज कर रहे हैं जो उनकी छवि को कमजोर करते हों।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.


[…] साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम भी हिरासत में हैं। यह घटना 30 अक्टूबर को मोकामा […]