पटना – बिहार में राजस्व और भूमि सुधार विभाग को सुधारने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सख्त कदम उठा रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक राजस्व कर्मचारी की लापरवाही देखी और तुरंत उसे सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोग कह रहे हैं कि अब विभाग में अनुशासन आएगा और आम जनता को जमीन संबंधी समस्याओं से जल्द राहत मिलेगी।
घटना क्या हुई?
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा राजस्व और भूमि सुधार विभाग के मंत्री भी हैं। वे इन दिनों विभाग की समीक्षा कर रहे हैं और जनता की शिकायतें सुन रहे हैं। एक जन संवाद कार्यक्रम में एक शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन की समस्या बताई। उसने कहा कि सालों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन राजस्व कर्मचारी काम नहीं कर रहे। फाइलें लटकी पड़ी हैं और रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत सुनते ही डिप्टी सीएम ने मौके पर मौजूद राजस्व कर्मचारी से सवाल किए। कर्मचारी जवाब नहीं दे पाया और घबरा गया। विजय सिन्हा ने गुस्से में आकर तुरंत आदेश दिया कि इस कर्मचारी को सस्पेंड किया जाए। यह कार्रवाई ऑन द स्पॉट हुई, यानी वहीं पर, बिना देरी के। कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए। यह घटना पटना या किसी जिले के जन संवाद कार्यक्रम में हुई। डिप्टी सीएम ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गरीब लोगों की जमीन की समस्याओं को अनदेखा करने वालों को सजा मिलेगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
बिहार में जमीन विवाद बहुत आम हैं। लोग अंचल कार्यालयों में महीनों चक्कर काटते हैं। जमाबंदी सुधार, दाखिल-खारिज और लगान रसीद जैसे कामों में देरी होती है। कई बार कर्मचारी रिश्वत मांगते हैं या फाइलें जानबूझकर लटकाते हैं। इससे भूमाफिया सक्रिय हो जाते हैं और गरीब किसान परेशान होते हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विभाग संभालते ही साफ कहा था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस होगा। वे खुद जिलों में जाकर जन संवाद कर रहे हैं। शिकायतें सुनते हैं और कई मामलों का ऑन द स्पॉट निपटारा करते हैं। इस बार एक कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उन्होंने तुरंत सस्पेंड कर दिया। इसका मकसद पूरे विभाग को संदेश देना है कि अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी।
विभाग में क्या बदलाव हो रहे हैं?
विजय सिन्हा के नेतृत्व में राजस्व विभाग में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं:
. हर पंचायत में निर्धारित समय पर राजस्व कर्मचारी बैठेंगे।
. अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
. अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम, पद और मोबाइल नंबर बोर्ड पर लगाए जाएंगे।
. जमीन विवाद के मामलों को तय समय में निपटाने के सख्त आदेश हैं।
. फर्जी दस्तावेज से काम करने वालों पर आपराधिक केस दर्ज होंगे।
. भूमाफियाओं पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी है।
हाल ही में कई अंचल अधिकारियों (सीओ) की क्लास लगाई गई और कुछ के वेतन रोक दिए गए। अब कर्मचारी स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है।
जनता की प्रतिक्रिया क्या है?
लोग इस कार्रवाई से खुश हैं। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि आखिरकार विभाग में सुधार हो रहा है। एक किसान ने कहा, “पहले कर्मचारी मनमानी करते थे, अब डरेंगे।” दूसरी ओर कुछ लोग कह रहे हैं कि सिर्फ सस्पेंड करने से नहीं होगा, पूरे सिस्टम को ठीक करना होगा। जन संवाद कार्यक्रमों में हजारों लोग आ रहे हैं। कई शिकायतों का मौके पर समाधान हो रहा है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
अन्य अधिकारियों पर भी गाज
यह पहली कार्रवाई नहीं है। पहले भी कई सीओ और राजस्व अधिकारियों पर एक्शन हुआ है। कुछ के वेतन रोके गए, कुछ को नोटिस दी गई। डिप्टी सीएम ने कहा है कि 31 दिसंबर तक सभी लंबित मामले निपटाने हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी।
निष्कर्ष :
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का यह ऑन द स्पॉट एक्शन एक मजबूत संदेश है। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही सालों से समस्या बनी हुई थी। अब सख्ती से काम हो रहा है तो उम्मीद है कि आम लोगों को जल्द राहत मिलेगी। जमीन विवाद कम होंगे और सरकारी काम तेजी से होंगे। यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। अगर ऐसे कदम लगातार उठते रहे तो बिहार का राजस्व विभाग पारदर्शी और जनता के लिए आसान बन जाएगा। लोगों को अब विश्वास है कि उनकी शिकायतें सुनी जाएंगी और दोषियों को सजा मिलेगी।



