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Bihar Election 2025: एक उम्मीदवार कितना कर पाएगा खर्च? ECI ने तय की ₹40 लाख की लिमिट, एक-एक रुपये पर रहेगी कड़ी नजर

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का नामांकन समाप्त होने के साथ ही, सभी उम्मीदवार अब प्रचार-प्रसार में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इन रैलियों, पोस्टरों और जनसभाओं के बीच, चुनाव आयोग (ECI) ने इस बार खर्च की सीमा को लेकर भी अपने नियम स्पष्ट कर दिए हैं। इस बार, हर उम्मीदवार अपनी विधानसभा सीट पर अधिकतम 40 लाख रुपये ही खर्च कर पाएगा।

यह खर्च सीमा 2020 के विधानसभा चुनाव (₹30.8 लाख) की तुलना में बढ़ाई गई है, लेकिन साथ ही आयोग ने इस पर निगरानी भी उतनी ही सख्त कर दी है।

Bihar Election 2025: कैसे रखी जाएगी एक-एक रुपये पर नजर?

चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार किया है, ताकि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक खर्च न कर सके।

1. अलग बैंक खाते की अनिवार्यता

ECI के नियमों के अनुसार, हर उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले एक नया और अलग से बैंक खाता खोलना अनिवार्य है। चुनाव से जुड़ा हर एक रुपया, चाहे वह चंदे के रूप में आया हो या खर्च किया गया हो, इसी खाते के माध्यम से होना चाहिए।

2. ‘शैडो’ रजिस्टर और वीडियो निगरानी

आयोग की टीमें हर उम्मीदवार के खर्च का एक ‘शैडो रजिस्टर’ बनाएंगी। उम्मीदवारों की रैलियों, जनसभाओं, गाड़ियों के काफिले और पोस्टर-बैनर पर होने वाले खर्च का आकलन करने के लिए वीडियो सर्विलांस टीमों को भी तैनात किया गया है। ये टीमें हर रैली में लगी कुर्सियों, टेंट और लाउडस्पीकर तक का खर्च जोड़कर उसका मिलान उम्मीदवार द्वारा दिए गए हिसाब से करेंगी।

3. 30 दिनों के भीतर देना होगा हिसाब

चुनाव परिणाम (14 नवंबर) घोषित होने के 30 दिनों के भीतर, सभी उम्मीदवारों (चाहे वे जीते हों या हारे हों) को अपने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपना होगा।

Bihar Election 2025: तय सीमा से अधिक खर्च करने पर क्या होगा?

 

अगर कोई उम्मीदवार ₹40 लाख की तय सीमा से अधिक खर्च करते हुए पाया जाता है या फिर समय पर अपना चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं करता है, तो उसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत 3 साल के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।

यह Bihar Election 2025 spending limit यह सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है कि चुनाव में धन-बल का दुरुपयोग न हो और सभी उम्मीदवारों को बराबरी का मौका मिल सके।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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