Bihar Flood News: बिहार के कई जिलों में नेपाल से सटे इलाकों में हुई झमाझम बारिश ने बाढ़ का रूप ले लिया है। बागमती, कोसी, कमला, बलान और अधवारा नदियां उफान पर हैं, जिससे मोतिहारी, सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज और कटिहार जैसे जिलों में हाहाकार मच गया है। सैकड़ों गांवों में पानी घुस आया है, फसलें डूब रही हैं और सड़कें-बांध टूटने से आवागमन ठप हो गया है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, जो ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। यह बाढ़ बिहार के उत्तरी इलाकों को बुरी तरह जकड़ रही है, जहां ग्रामीण परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। स्थानीय लोग सरकार से तुरंत राहत की मांग कर रहे हैं।
बाढ़ का कारण, नेपाल की बारिश
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने बिहार की नदियों को चढ़ावा दे दिया है। कोसी, बागमती और कमला-बलान जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी बराज से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन तटबंधों के अंदर तबाही हो रही है। अधवारा समूह की नदियां भी उफान पर हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में और बारिश हो सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसी बाढ़ें बढ़ रही हैं, जहां नेपाल का पानी बिहार को भारी पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में नदियों के किनारे बसे गांव सबसे ज्यादा खतरे में हैं।
Bihar Flood News: सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
सुपौल जिले में कोसी नदी का पानी सदर प्रखंड, किशनपुर, मरौना और सरायगढ़ के 25 से ज्यादा गांवों में घुस गया है। करीब एक लाख लोग प्रभावित हैं। लोग पूर्वी कोसी तटबंध पर प्लास्टिक तंबुओं में रहने को मजबूर हैं। सामुदायिक रसोई में भोजन मिल रहा है, लेकिन चारे की कमी से पशु परेशान हैं। सड़कों पर तेज बहाव है। प्रशासन माइक से ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।
अररिया में फारबिसगंज के पिपरा पंचायत में परमान नदी का बांध 10-15 मीटर टूट गया। तीन वार्डों में सैकड़ों घर डूब गए। ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और राहत की गुहार लगा रहे हैं। अंचल अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि टीम नजर रख रही है, लेकिन पानी का बहाव तेज है।
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में जान और लालबकेया नदियां उफान पर हैं। ढाका प्रखंड के हीरापुर, महगुआ, गुरहनवा, भवानीपुर, दोस्तियां और तेलहारा कला गांवों में पानी भर गया। धान की फसलें बर्बाद हो रही हैं। सुगौली प्रखंड में सिकरहना नदी का पानी थाना, बेलवतिया रघुनाथपुर सड़क और नगर पंचायत के वार्डों में फैल गया।
मधुबनी में कमला-बलान नदी का जलस्तर 52.40 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 190 सेंटीमीटर ऊपर है। झंझारपुर लिंक रोड पर पुल पर दबाव पड़ रहा है। नवटोलिया गांव का संपर्क कट गया। यातायात ठप होने का खतरा है। सीतामढ़ी, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार में भी दर्जनों गांव प्रभावित हैं।



