Bihar Hijab Controversy: बिहार में हिजाब विवाद के बाद झारखंड के कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बिहार की उस मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन को झारखंड में नौकरी का ऑफर दिया है, जिनका हिजाब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में हटाया था। इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा और अच्छी सुविधा के साथ नौकरी दी जाएगी। यह ऑफर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
बिहार में 15 दिसंबर को पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे थे। डॉ. नुसरत परवीन हिजाब पहने मंच पर आईं। नीतीश कुमार ने ‘ये क्या है?’ कहकर उनका हिजाब चेहरे से हटाया। वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने इसे महिला की बेइज्जती और धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया।
डॉ. नुसरत परवीन ने बाद में कहा कि वे आहत हैं। उन्हें लगा कि उनकी धार्मिक आजादी का उल्लंघन हुआ।
इरफान अंसारी का ऑफर
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने डॉ. नुसरत को सोशल मीडिया पर संदेश भेजा। उन्होंने लिखा, “झारखंड में आपका स्वागत है। यहां आपको पूरा सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग में अच्छी पोस्टिंग और सुविधा दी जाएगी। हिजाब या किसी भी धार्मिक प्रतीक पर कोई टिप्पणी नहीं होगी।”
इरफान ने कहा कि झारखंड में सबको बराबर का हक है। महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर है। अगर डॉ. नुसरत आना चाहें तो झारखंड सरकार उन्हें नौकरी देगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह ऑफर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे बिहार सरकार पर हमला बता रही है। पार्टी ने कहा कि नीतीश कुमार महिलाओं का अपमान कर रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस की सरकार होती तो ऐसा नहीं होता।
बिहार की सत्ता पक्ष ने इसे राजनीति बताया। कहा कि इरफान अंसारी वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। डॉ. नुसरत को बिहार में ही सम्मान मिला है।
Bihar Hijab Controversy: डॉ. नुसरत का क्या कहना?
डॉ. नुसरत परवीन ने अभी इस ऑफर पर कोई जवाब नहीं दिया है। वे बिहार में ही नौकरी कर रही हैं। लेकिन विवाद के बाद वे चर्चा में हैं। कई संगठनों ने उनका समर्थन किया है।
झारखंड और बिहार की राजनीति में यह मुद्दा गर्म हो गया है। इरफान अंसारी का ऑफर दिखाता है कि हिजाब विवाद अब पड़ोसी राज्य तक पहुंच गया है। लोग कह रहे हैं कि महिलाओं की धार्मिक आजादी का सम्मान होना चाहिए।
यह घटना दिखाती है कि छोटी बात भी बड़ा विवाद बन सकती है। उम्मीद है कि डॉ. नुसरत को जहां भी रहें, सम्मान मिले। राजनीति में ऐसे मुद्दों पर संवेदनशीलता बरती जाए।



