Bihar News: बिहार ने अंडा उत्पादन में बड़ी छलांग लगाई है। पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में बिहार देश के शीर्ष 10 अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल हो गया है। 2014-15 में जहां उत्पादन करीब 9,845 लाख अंडे था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 34,401 लाख अंडे हो गया। नौ साल में तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है। यह उपलब्धि राज्य की पोल्ट्री फार्मिंग और सरकारी योजनाओं का नतीजा है। इससे ग्रामीण महिलाएं और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
कैसे हुई इतनी तेज वृद्धि?
बिहार में पोल्ट्री उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। मुख्यमंत्री पोल्ट्री विकास योजना, जीविका समूहों की मदद और सब्सिडी से हजारों छोटे-बड़े फार्म खुले। गांवों में बैकयार्ड पोल्ट्री शुरू हुई। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाकर मुर्गी पालन किया।
आंकड़ों के मुताबिक, बिहार का अंडा उत्पादन अब राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो गया है। पहले आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे राज्य आगे थे, लेकिन बिहार ने तेजी से पकड़ा। राज्य में अब लाखों लोग पोल्ट्री से जुड़े हैं।
ग्रामीणों को क्या फायदा?
यह वृद्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान है। महिलाएं और युवा घर बैठे कमाई कर रहे हैं। एक फार्म से महीने में हजारों रुपये की आय हो रही है। अंडे और मुर्गी बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं। बच्चे अच्छे स्कूल जा रहे हैं।
एक महिला किसान ने कहा, “पहले कुछ नहीं होता था। अब मुर्गी पालन से अच्छी कमाई है। खुद का कारोबार है।” कई गांवों में पोल्ट्री फार्म बढ़ गए हैं। इससे रोजगार बढ़ा है।
Bihar News: जानें क्या है सरकार का आगे क्या प्लान?
सरकार का लक्ष्य बिहार को अंडा उत्पादन में और आगे ले जाना है। नई योजनाओं से बड़े फार्म लगाए जा रहे हैं। ट्रेनिंग और सब्सिडी दी जा रही है। राज्य अब अंडा निर्यात करने की स्थिति में आ रहा है। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी।
बिहार के लोग इस उपलब्धि पर गर्व कर रहे हैं। पहले बिहार अंडा आयात करता था, अब उत्पादक राज्य बन गया है। यह विकास की नई मिसाल है। उम्मीद है कि जल्द बिहार टॉप-5 में शामिल हो जाएगा। सरकार की योजनाएं ग्रामीणों की जिंदगी बदल रही हैं।



